जम्मू, 18 जून (हि.स.)। शुक्रवार को केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से जारी योग प्रोटोकाल पर आधारित डोगरी और कश्मीरी भाषा में बनाए गए योग वीडियो को शुक्रवार को राजभवन में एक वर्चुअल समारोह में जारी किया गया। यह वीडियो टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाएंगे। इस अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिंहा ने कहा कि विश्व भर में लोग अब योग दिवस को मानते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि योग हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने हर नागरिक को अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने, स्वस्थ और तनाव मुक्त जिंदगी जीने के लिए योग करने को कहा। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान योग को अपनी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बनाने को कहा। उपराज्यपाल ने कहा कि योग दिमागी तौर पर चेतना और जागरूकता का पारंपरिक विज्ञान है। स्वास्थ्य, कल्याण और वैश्विक शांति की कल्पना यम, नियम, आसन, प्राणायाम, धारणा, ध्यान और समाधि-अष्टांग योग के योग सिद्धांतों में बिना नहीं की जा सकती। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों की पालना करते हुए सभी को घरों में रह कर ही योग करने और टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले योग वीडियो का लाभ उठाने को कहा। उपराज्यपाल ने कहा कि योग कर स्वस्थ और खुश रहा जा सकता है। डेढ़ साल में तो योग और अहम हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के कारण यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली ने साल 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। हिन्दुस्थान समाचार/बलवान




