जम्मू, 01 मई (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (एचसीबीए) ने शनिवार को भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से आग्रह किया कि देश भर में कोविद-19 के बढ़ते मामलों और मौतों के मद्देनजर भारत की विभिन्न जेलों में नजरबंद कश्मीरी कैदियों को घाटी वापस भेज दिया जाए। एचसीबीए के एक प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि बार अध्यक्ष एडवोकेट नजीर अहमद रोंगा की अध्यक्षता में एक आपात बैठक में, भारत की विभिन्न जेलों में बंद सैकड़ों कश्मीरी कैदियों की स्वास्थ्य स्थितियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई जो 5 अगस्त 2019 के बाद से यूटी के बाहर जेलों में थे। बयान में कहा गया कि इसके मद्देनज़र भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर केंद्रशासन प्रशासन से आग्रह किया जाता है कि वो पूरे भारत में कोरोना महामारी के मद्देनज़र कश्मीरी कैदियों को बाहरी जेलों से कश्मीर की नज़दीकी जेलों में स्थानांतरित कर दें। इस महइामारी से हर रोज हजारों लोगों की जानें जा रहीं हैं। इसमें कहा गया कि इन कैदियों के परिवार के लोग अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य और जीवन के बारे में गंभीर हैं। तिहाड़ जेल, नई दिल्ली में कश्मीरी कैदी शाहिदुल इस्लाम कोविद संक्रमित है। ब्रेन ट्यूमर के मरीज बशीर अहमद भट जेल में बहुत बीमार हैं। मोहम्मद यासीन मलिक, शब्बीर अहमद शाह, नईम खान, आसिया अंद्राबी, नाहिदा नसरीन, अयाज अकबर, परवेज मीर और फिरोज अहमद भट सहित अन्य कैदियों की स्वास्थ्य स्थिति भी तेजी से बिगड़ रही है। बयान में कहा गया है कि बार एसोसिएशन ने बाहरी जेलों में बंद कश्मीरी कैदियों की शारीरिक स्थितियों के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की और इन कैदियों को कश्मीर में निकटतम जेलों में स्थानांतरित करने की मांग की। बार एसोसिएशन ने पैरोल पर रिहाई और गंभीर महामारी की स्थिति को देखते हुए इन कैदियों/बंदियों के मामलों की भी समीक्षा करने की मांग की। बैठक में भारत सरकार से अपील करने का निर्णय लिया गया। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान
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