धर्मशाला, 24 मार्च (हि.स.)। आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने बुधवार को कांगड़ा जिला के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री चामुंडा नंदीकेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में चल रहे संस्कृत विद्यालय के अध्यापकों एवं छात्रों ने वेद मंत्रों के उच्चारण से उनका स्वागत किया। मंदिर प्रशासन द्वारा विधिवत पूजा अर्चना की व्यवस्था करवाई गई। पुजारी ओम व्यास द्वारा मां की विधिवत पूजा अर्चना करवाने के पश्चात उन्हें चुनरी भेंट की गई। उल्लेखनीय है कि मानवता एवं जीवन मूल्यों के प्रचार प्रसार के उद्देश्य को लेकर आर्ट ऑफ लिविंग संस्था से जुड़ने वाले देश विदेशों में इनके करोड़ों अनुयायी हैं। भारत सरकार द्वारा इनके आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों को देखते हुए 2016 में इन्हें पदम विभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया है। विदेशों में भी इन्हें कई सर्वश्रेष्ठ सम्मान प्राप्त हुए हैं। वह इस बात पर जोर देते हैं कि ध्यान के अलावा दूसरे लोगों की सेवा भी इंसान को करनी चाहिए। श्री श्री रविशंकर विज्ञान और अध्यात्म को एक-दूसरे का विरोधी नहीं, बल्कि पूरक मानते हैं। वे एक ऐसी दुनिया बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं जिसमें रहने वाले लोग ज्ञान से परिपूर्ण हो ताकि वे तनाव और हिंसा से दूर रह सकें। श्री श्री रविशंकर ने बताया कि वे दूसरी बार इस पावन धाम चामुंडा में आए हैं और यहां आ करके उन्हें अलौकिक आनंद की प्राप्ति होती है। हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/सुनील




