मंडी, 13 मार्च (हि. स.)। लाखों रूपए खर्च करके शिवरात्रि मेले में लगाई गई विभागीय उपलब्धियों वाली प्रदर्शनियां एक ही दिन में समेटनी पड़ी। शुक्रवार को शिवरात्रि मेले के उदघाटन के लिए शिवरात्रि मेला कमेटी व विभिन्न विभागों ने प्रदर्शनियां लगाई थी। इसका मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विधिवत उदघाटन भी किया था। इन प्रदर्शनियों में सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों के जरिए प्रचार प्रसार किया जा रहा था। मुख्यमंत्री व मंत्रियों के फोटो व होर्डिंग्स भी खूब लगाए गए थे मगर कुछ ही घंटों बाद शनिवार सुबह चुनाव आयोग ने प्रदेश के चार नगर निगमों मंडी, धर्मशाला, पालमपुर व सोलन के चुनावों की तारीख का एलान कर दिया और इन सभी क्षेत्रों में आचार संहिता लग गई। ऐसे में शनिवार को जहां सभी सरकारी प्रदर्शनियों को बंद करना पड़ा वहीं सभी होर्डिंग्स व बोर्ड आदि भी हटाने पड़े। पूरा दिन सरकारी मशीनरी इस काम में जुटी रही। यह देखते हुए भी आचार संहिता कभी भी लग सकती है जबकि मेला 18 मार्च तक चलेगा के बावजूद भी विभागों ने जमकर खर्चा किया और अब यह सब मिट्टी में मिल गया। इसी तरह से सरकार की उपलब्धियों को लेकर भी पूरे नगर निगम क्षेत्र में बड़े- बड़े होर्डिंग्स लगे हुए थे। इन सब को भी शनिवार को हटाना पड़ा। इधर, आचार संहिता का असर मंडी शिवरात्रि मेले पर भी पड़ा। भले ही मुख्यमंत्री के आने से मेले की पहली जलेब खूब रौनक भरी रही मगर अब कोई भी राजनीतिज्ञ शिवरात्रि मेले के कार्यक्रमों में भाग नहीं ले पाएगा। ऐसे में दूसरी जलेब यानि शिवरात्रि मेले की दूसरी शोभायात्रा जो सोमवार को निकलनी है में भी मंत्री भाग नहीं ले सकेंगे। यूं माना जा रहा था कि दूसरी जलेब में जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर मुख्य मेहमान होंगे व उनकी अध्यक्षता में यह कार्यक्रम होगा मगर अब यह नहीं हो पाएगा। किसी उच्चाधिकारी को ही इसकी अगुवाई करनी होगी। इसी तरह से शिवरात्रि महोत्सव की हर संध्या में कोई न कोई राजनीतिज्ञ या जनप्रतिनिधि वीआईपी के तौर पर मौजूद रहता है मगर अब यह नहीं हो पाएगा। आने वाले दिनों में बिलासपुर का नलवाड़ मेला व सुंदरनगर का राज्यस्तरीय नलवाड़ मेला शुरू हो रहा है। वहां पर कोई चुनाव न होने से आचार संहिता का असर नहीं रहेगा ऐसे में वहां पर सभी तरह के आयोजन बदस्तूर जारी रह सकेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/मुरारी/सुनील




