नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज डेस्क। हरियाणा के नूंह जिले में सोमवार को हुई हिंसा और बवाल के बाद लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। जिले में 2 दिन के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। हरियाणा के हिंसा की आग अब गुरुग्राम, फरीदाबाद तक पहुंच गई है। यहां दोनों समुदाय ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर चलाएं। करीब 90 गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई है। देखते ही देखते हंगामा इतना बढ़ गया कि पत्थर के साथ साथ गोलियां भी चलने लगी। हिंसा में दो होम गार्डस समेत 3 की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। हिंसा को देखते हुए नूंह में कर्फ्यू लगा कर इंटरनेट पर भी तीन दिन के लिए रोक लगा दी गई है। इसके अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी में धारा 144 लागू कर दी गई है। गुरुग्राम, फ़रीदाबाद और पलवल जिलों के स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर में 1 अगस्त की छुट्टी करने का आदेश जारी किया गया है।
क्या था ममला?
गौरतलब है कि, हरियाणा के नूंह जिले में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद, मातृ शक्ति दुर्गा वाहिनी और बजरंग दल द्वारा ब्रजमंडल 84 कोस शोभा यात्रा निकाली गई थी। यह यत्रा तय प्लान के मुताबिक मेवात में शिव मंदिर के सामने से निकाली जा रही थी, तभी यात्रा को खेड़ला मोड़ के पास युवकों के एक समूह ने रोक लिया और पथराव करने लगे। जिसके बाद देखते ही देखते इस इलाके में हंगामा बढ़ गया। ऐसे में हिंसा प्रभावित क्षेत्र में गुरुग्राम से मेवात फोर्स को भेजा गया। तो इस बीच हमलावरों ने मेवात से गुरुग्राम जा रहीं पुलिस की गाड़ियों पर भी पथराव कर दिया। इस हमले में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। इस सांप्रदायिक तनाव के बाद पूरे जिले में धारा-144 लगाकर इंटरनेट सेवा को बुधवार तक बंद कर दिया गया है।
यहां आज बंद रहेंगे स्कूल
वहीं हालात पर काबू करने के लिए इलाके में पैरामिल्ट्री की कंपनियों की तैनाती की गई है. गुरुग्राम, फ़रीदाबाद और पलवल जिलों के स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर में 1 अगस्त की छुट्टी करने का आदेश जारी किया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीसी प्रशांत पंवार ने मंगलवार सुबह 11 बजे सर्व समाज की बैठक बुलाई है। जिसके बाद जुलूस में शामिल कारों को आग लगा दी गई। पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया। जिसके बाद जुलूस में शामिल लोगों ने पलटवार करते हुए यात्रा को रोकने वाले युवकों पर पथराव कर दिया।
यात्रा को गार्गी कक्कड़ ने दिखाई थी झरी झंडी
आपको बता दें इस यात्रा को बीजेपी की जिला अध्यक्ष गार्गी कक्कड़ ने ही झरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। जूलूस के साथ पुलिस की एक टुकड़ी भी तैनात थी। मीडिया रिपोर्टस की माने तो बजरंग दल के एक कार्यकर्ता के द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था जो झड़प की वजह बना। राजस्थान में दो मुस्लिम युवकों की हत्या में वांछित गोरक्षक मोनू मानेसर को जुलूस में शामिल होना था। लेकिन विश्व हिंदू परिषद के सलाह के बाद मोनू मानेसर ने जूलूस में भाग नहीं लिया। क्योकि इससे तनाव और बढ़ सकता था। मोनू मानेसर को ट्विटर पर नूंह आने की चुनौती देने की धमकियां भी दी गई थी। हालांकि, मोनू मानेसर इस यात्रा में नहीं आया, लेकिन बिट्टू बजरंगी नाम के कथित गोरक्षक के शामिल होने पर यह तनाव बढ़ा। नूंह में दूसरे पक्ष के लोगों ने जमकर बवाल काटा तभी यह पथराव हुआ।
मंदिर में फंसे सैकड़ों लोगो
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से केंद्रीय बलों की कंपनियां भी भेजी गई। वहीं नूंह में हिंसा की खबर फैलते ही सोहना में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ ने चार वाहनों और एक दुकान को आग लगा दी। मामले को लेकर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि पुलिस ने नूंह के एक शिव मंदिर से लगभग 2,500 पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला है। जो हिंसा के चलते मंदिर में फंस गए थे।





