नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएँ अस्त-व्यस्त हो चुकी हैं। सरकारी डॉक्टरों ने बुधवार (10 दिसंबर) से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। OPD से लेकर दवा काउंटर्स तक… हर जगह मरीजों की लंबी लाइनें लगी हैं और कई लोग घंटों इंतज़ार के बाद भी इलाज नहीं पा सके।
सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए ESMA लागू कर दिया है और साफ कर दिया है,काम नहीं तो वेतन नहीं। लेकिन डॉक्टरों के तेवर नरम नहीं पड़े। वे हड़ताल वापस लेने को तैयार नहीं हैं।
क्यों भड़के हरियाणा के डॉक्टर?
डॉक्टरों की हड़ताल सोमवार (8 दिसंबर) से ही चल रही थी। चेतावनी दी गई थी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 10 दिसंबर से हड़ताल अनिश्चितकालीन होगीऔर वही हुआ। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा, सरकार ने ESMA लगा दिया, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।पिछले साल सरकार ने लिखकर दिया था कि Assured Career Progression (ACP) लागू किया जाएगा लेकिन आज तक लागू नहीं हुआ।
SMO भर्ती पर विवाद: डॉक्टर बोले-ये हमारे साथ अन्याय
डॉक्टरों की सबसे बड़ी नाराज़गी 200 SMO (सीनियर मेडिकल ऑफिसर) की नई भर्ती को लेकर है। डॉ. ख्यालिया के अनुसार, 200 में से 160 पोस्टों पर सीधे भर्ती का फैसला गलत है।यह उन डॉक्टरों की पदोन्नति पर ‘डाका’ है जो वर्षों से सेवा दे रहे हैं और जिन्हें उसी पद पर प्रमोशन मिलना चाहिए था।इसी विरोध के चलते स्वास्थ्य निदेशालय, पंचकूला में तीन डॉक्टरों ने भूख हड़ताल तक शुरू कर दी है।
600 मेडिकल ऑफिसर्स की पोस्टें खाली, अस्पतालों में संकट गहराया
डॉक्टरों का कहना है कि राज्य में लगभग 600 मेडिकल ऑफिसर्स की पोस्ट खाली पड़ी हैं।मगर इन्हें भरने की बजाय सरकार हड़ताली डॉक्टरों पर एक्शन ले रही है, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं।इसी वजह से अस्पतालों में ओपीडी बंद है और दवा वितरण में देरी है। कई मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ा, इमरजेंसी सेवाएँ भी दबाव में है।
सरकार का दावा-कुछ मांगे मान ली हैं
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि, डॉक्टरों की कुछ मांगें मान ली गई हैं। बाकी मांगों पर वार्ता चल रही हैलेकिन डॉक्टरों के मुताबिक सरकार सिर्फ कह रही है, कर कुछ नहीं रही। सरकार के एक्शनESMA और No Work No Pay ने डॉक्टरों को और भड़का दिया है, जिसके बाद हड़ताल पूरी ताकत से अनिश्चितकाल तक जारी रखने का फैसला किया गया।
मरीज परेशान, अस्पतालों में अफरा-तफरी
हरियाणा के कई जिलों में हालात गंभीर बनते जा रहे हैं।इलाज के लिए आए मरीजों ने कहा कि,घंटों लाइन में खड़े हैं, डॉक्टर ही नहीं। दवा भी नहीं मिल रही।इमरजेंसी में भी स्टाफ कम है।सरकार और डॉक्टरों के बीच यह टकराव अब एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका हैडॉक्टरों पर कार्रवाई और उनकी लगातार सख्त होती हड़तालदोनों ही संकेत दे रहे हैं कि जब तक समाधान नहीं निकलता, मरीजों की मुश्किलें बढ़ती ही जाएँगी।




