नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। क्रॉस-वोटिंग के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता Bhupinder Singh Hooda ने कड़ा रुख अपनाते हुए पार्टी के पांच विधायकों से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है।
हुड्डा का दो टूक संदेश
रोहतक में मीडिया से बातचीत करते हुए Bhupinder Singh Hooda ने कहा कि जिन विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है, अगर उनमें थोड़ी भी नैतिकता बची है तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी विधायक को पार्टी पर भरोसा नहीं है, तो उसे पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। हुड्डा ने यह भी कहा कि यह सिर्फ पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के साथ भी धोखा है। उनके मुताबिक, जिन लोगों ने इन विधायकों को चुनकर विधानसभा भेजा, उनके भरोसे को तोड़ा गया है। इसलिए नैतिकता के आधार पर उन्हें खुद ही पद छोड़ देना चाहिए।
पांच विधायकों को नोटिस
कांग्रेस पार्टी ने क्रॉस-वोटिंग के आरोप में पांच विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन विधायकों से एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है। नोटिस पाने वालों में शैली चौधरी, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल, रेणु बाला और जरनैल सिंह शामिल हैं। नोटिस मिलने के बाद कुछ विधायकों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी ने कहा कि उन्हें लंबे समय से पार्टी में निशाना बनाया जा रहा है और अब उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध विजयी रहे, जबकि बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा। हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 48 सीटें, कांग्रेस के पास 37 सीटें, INLD के पास 2 सीटें और 3 निर्दलीय विधायक हैं। चुनाव में कुल 88 विधायकों ने मतदान किया, जबकि INLD के दो विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए। क्रॉस-वोटिंग का मुद्दा हरियाणा की राजनीति में बड़ा विवाद बनता जा रहा है। Bhupinder Singh Hooda के सख्त बयान से साफ है कि कांग्रेस इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। अब सबकी नजर पार्टी की आगे की कार्रवाई और विधायकों के जवाब पर टिकी है।




