नई दिल्ली, रफ्तार। गुजरात के राजकोट हादसे से पूरा सहमा है। शनिवार को नानामोवा रोड स्थित टीआरपी गेम जोन में भीषण आग लगने से 30 लोगों की मौत से लोगों की आंखें नम हैं। आशंका भी जताई जा रही कि मरने वालों की संख्या में बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अब भी लापता हैं। मगर, गुजरात में ऐसी पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसी कई घटनाओं में लोगों की जान जा चुकी है।
मोरबी में टूटा था पुल, कोचिंग में आग लगने से गई थी 22 लोगों की जान
साल 2022 गुजरात में मोरबी नदी पर बना पुल टूट गया था। पुल टूटने से कई लोग नदी में गिरे और 141 लोगों की जान चली गई थी। कई लोगों को रेस्क्यू किया गया था। साल 2019 में सूरत के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना 24 मई 2019 को सूरत के सरथाना जकातनाका में तक्षशिला ऑर्केड कोचिंग सेंटर में हुई थी। इसमें 22 बच्चों की मौत हो गई थी। कई छात्र जो बुरी तरह घायल थे। उनको अस्पताल भिजवाया गया था। हादसे का वीडियो जब सामने आया तो लोगों ने देखा कि जान बचाने के लिए बच्चों ने बिल्डिंग से छलांग लगा दी थी।
हरणी झील में पलटी थी नाव
जनवरी 2024 में वडोदरा में 18 जनवरी 2024 को हरणी झील में यात्रियों से भरी नाव पलट गई थी। हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें से 15 बच्चों और 2 शिक्षकों की भी मौत हुई थी। बता दें, इस नाव में ज्यादा स्कूली बच्चे सवार थे, जो अपने टीचर्स के साथ स्कूल की तरफ से पिकनिक मनाने गए थे। साल 2019 में अहमदाबाद के कांकरिया बालवाटिका के मनोरंजन पार्क में डिस्कवरी राइड्स ढही थी। हादसे में 2 लोगों की मौत हुई थी। कई लोग यहां घायल हुए थे।
गेम जोन हादसे पर अधिकारियों के बयान
राजकोट गेम जोन हादसे पर कलेक्टर आनंद पटेल ने कहा कि शव इतनी बुरी तरह जले हैं कि किसी की पहचान मुश्किल है। शवों का डीएनए टेस्ट कराना होगा। राजकोट के सभी गेम जोन बंद कराए गए हैं। पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव का कहना है कि टीआरपी गेम जोन ने फायर एनओसी भी नहीं ली थी। सरकार ने पूरी घटना की जांच के लिए SIT बनाई है।
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