नई दिल्ली, रफ्तार। गुजरात के राजकोट (Rajkot) में गेम जोन में भीषण आग लगने के कारण 30 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना टीआरपी गेमिंग जोन में हुई। आग लगने का कारण शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना में मरने वाले में 12 बच्चे भी शामिल हैं।
वीकेंड पर थी 99 रुपए की टिकट
रिपोर्ट्स की मानें तो गेमिंग जोन में जब यह दर्दनाक हादसा हुआ, उस दौरान वहां कई लोग मौजूद थे। उन लोगों का कहना है कि शनिवार होने की वजह से मालिक ने गेमिंग जोन में 99 रुपए की टिकट वाली स्कीम चला रखी थी। ऐसे में काफी संख्या में भीड़ जुटी थी। मामले में पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें टीआरपी गेम जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी, उनके पार्टनर प्रकाश जैन, मैनेजर नितिन जैन और राहुल राठौड़ शामिल हैं।
गेम जोन में थे ज्वलनशील पदार्थ
सूत्रों का कहना है कि टीआरपी गेमिंग जोन में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ रखे थे। इतना ही नहीं जोन के पास फायर एनओसी नहीं थी। कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वहां कई हजार लीटर पेट्रोल और डीजल रखा था।
एंट्री एग्जिट के लिए था केवल एक गेट
गेम जोन में एंट्री और एग्जिट के लिए एक ही गेट था। इस कारण आग लगने के बाद लोग वहां से निकल नहीं सके। वहीं, फंसने के कारण उनकी मौत हो गई।
अन्य गेम जोन की जांच शुरू
गुजरात के पुलिस महानिदेशक ने पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को प्रदेश के सभी गेम जोन की जांच करने का आदेश दिया है। साथ ही बिना फायर सेफ्टी की मंजूरी के चलने वाले गेम जोन को तत्काल बंद करने का निर्देश दिए हैं।
मृतकों की पहचान के लिए किए जा रहे हैं डीएनए टेस्ट
राजकोट सिविल हॉस्पिटल के पोस्टमार्टम हाउस में लाए गए शवों का डीएनए टेस्ट किया जा रहा है, ताकि उनकी पहचान की जा सके। मृतकों के परिजनों का भी डीएनए मिलाने के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं।
हेल्पलाइन नंबर जारी
राजकोट प्रशासन ने लोगों के परिजनों की सहायता के लिए फोन नंबर जारी किए हैं। गेम जोन में आग लगने की घटना से जुड़ी पूछताछ के लिए फोन नंबर 7698983267 और 9978913796 पर संपर्क करें।
मृतकों के परिजनों को 4 लाख का मुआवजा
हादसे में मरने वालों के परिजनों को सरकार की ओर से 4 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। घायलों के परिजनों को सरकार की ओर से 50 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा।
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