नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । गुरुवार सुबह दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत के कई मैदानी क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। कड़ाके की ठंड के बीच घना कोहरा छा गया, जिससे सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई। हालात ऐसे रहे कि कई इलाकों में आगे का रास्ता देख पाना मुश्किल हो गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी सुबह के समय कोहरे का व्यापक असर देखा गया।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आने वाले घंटों में कोहरा और गहरा सकता है, जिससे दृश्यता कई स्थानों पर बेहद कम स्तर तक पहुंचने की आशंका है। कुछ क्षेत्रों में विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर से भी नीचे जा सकती है। सुबह सात बजे के बाद कोहरे की तीव्रता में और इजाफा दर्ज किया गया, जिसके चलते रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
उत्तर भारत में शीत लहर ने बढ़ाई मुश्किलें, कई राज्यों में पारा लुढ़का
उत्तर भारत के बड़े हिस्से बुधवार को कड़ाके की शीत लहर की गिरफ्त में रहे। पंजाब और हरियाणा के अनेक इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया, जिससे ठंड का असर और तेज हो गया। पहाड़ी राज्य कश्मीर में हालात इतने सख्त रहे कि डल झील की सतह जम गई। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड का प्रकोप अपेक्षाकृत कम रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य स्तर के आसपास रहा। वहीं, रात का तापमान गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सुबह और देर रात ठिठुरन महसूस की गई।
उत्तर प्रदेश में ठंड का असर होगा कम
मौसम विभाग के अनुसार, लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश में जारी शीत लहर और पाले की स्थिति से 15 जनवरी के बाद राहत मिलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में ठंड की तीव्रता में हल्का सुधार दर्ज किया है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मुरादाबाद और रोहिलखंड क्षेत्र के कुछ हिस्सों में शीत लहर का असर पहले के मुकाबले कम हुआ है। हालांकि विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि गुरुवार रात तक कई इलाकों में ठंड बनी रह सकती है और कुछ स्थानों पर पाला पड़ने की आशंका अभी खत्म नहीं हुई है।





