नई दिल्ली, 08 मई (हि.स.)। कोरोना का कहर भारत में जारी है और इससे हर रोज कई मौतें हो रही हैं। इसमें कुछ अपने तो कुछ पराए होते हैं। अलबत्ता इनमें कई ऐसी मौतें भी लगातार हो रही हैं जिनसे कोई रिश्ता-नाता न होने के बावजूद उनके जाने का सबको मलाल होता है। ऐसे ही लोगों में वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह भी शामिल हैं जिनका शुक्रवार को निधन हो गया। उनके निधन पर उर्दू डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (यूडीओ) ने शोक व्यक्त किया है और मीडिया जगत के लिए एक बड़ी क्षति करार दिया है। उर्दू डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सैयद अहमद खान ने मीडिया जगत की जानी मानी हस्ती शेष नारायण सिंह के इस दुनिया से रुखसत होने को ईमानदार और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए भारी नुकसान बताया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि शेष नारायण सिंह एक ईमानदार और बेबाक पत्रकार थे। वह सदा राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते थे। डॉ. खान ने बताया कि हमारी संस्था द्वारा आयोजित की जाने वाली सालाना महफूजुर्रहमान स्मिति श्रंखला के एक कार्यक्रम में शेष नारायण सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा था, ‘‘देश में सदियों से हिंदू और मुसलमान एक साथ रहते आए हैं। गंगा-जमुनी तहजीब से हमारे देश की अलग पहचान है। यह सदा बनी रहे।’’ डॉ. खान ने कहा कि वह आपसी भाईचारे की एक मिसाल थे और उनका जाना मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। हिन्दुस्थान समाचार/मोहम्मद शहजाद





