नई दिल्ली, हि.स.। सुप्रीम कोर्ट ने आज उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें अवैध कुकी घुसपैठियों को मणिपुर हिंसा का जिम्मेदार बताया गया था। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने इसे एकतरफा बताते हुए याचिका में सुधार कर दोबारा दाखिल करने को कहा।
जंगलों को काट कर अफीम की खेती कर रहे
याचिका में कहा गया था कि कुकी लोग जंगलों को काट कर अफीम की खेती कर रहे हैं। यही हिंसा की मुख्य वजह है। याचिका एक इंजीनियर मयंगलंबम मैतेई ने दायर की थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील माधवी दीवान से कोर्ट ने कहा कि एक तरफ आप एसआईटी से जांच की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ आप राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से जांच चाहते हैं। उसके बाद टैक्स वसूली की बात करते हैं। आप नार्को टेस्ट की भी मांग कर रहे हैं। आप कोई स्पष्ट याचिका दायर कीजिए
मणिपुर को लेकर पहले से ही याचिकाएं लंबित
कोर्ट ने कहा कि आप इस याचिका के जरिये एक खास समुदाय को आतंकवादी की तरह चिह्नित करना चाहते हैं। ये हम नहीं करने देंगे। तब दीवान ने कहा कि हम पूर्णकालिक समाधान चाहते हैं। तब कोर्ट ने कहा कि मणिपुर को लेकर पहले से ही याचिकाएं लंबित हैं। आप इसे वापस ले लीजिए और बेहतर याचिका दायर करें।




