नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की बीजेपी सरकार के एक साल पूरे होने पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर सीधे निशाना साधते हुए जनकपुरी हादसे से लेकर निजी स्कूलों की फीस, यमुना सफाई, AQI डेटा और बस मार्शलों की बहाली तक कई गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगा है।
सरकार और दिल्ली पुलिस को घेरा
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जनकपुरी में सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिरकर बाइक सवार युवक की मौत सरकार की लापरवाही का नतीजा थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सुरक्षा इंतजाम नाकाफी थे तो मंत्रियों ने इसे लेकर “सब कुछ दुरुस्त” होने का दावा क्यों किया? साथ ही उन्होंने क्राइम सीन से कथित छेड़छाड़ और मुख्य ठेकेदार की गिरफ्तारी न होने पर भी सरकार और दिल्ली पुलिस को घेरा।
AAP नेता ने यमुना को लेकर भी तीखे सवाल दागे
AAP नेता ने यमुना को लेकर भी तीखे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि “नकली यमुना” बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या फिल्टर्ड पानी की मेनलाइन को काटकर कृत्रिम तरीके से पानी छोड़ा गया? अगर ऐसा हुआ तो इसका आदेश किसने दिया? उन्होंने दिवाली की रात AQI मॉनिटरिंग स्टेशन बंद किए जाने और वॉटर स्प्रिंकलर के जरिए वास्तविक प्रदूषण आंकड़ों में कथित हेरफेर के आरोप भी लगाए।
प्राइवेट स्कूल प्रबंधन से सांठगांठ का आरोप भी लगाया
सौरभ भारद्वाज ने निजी स्कूलों की बढ़ी हुई फीस का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि कितने स्कूलों ने अभिभावकों को अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस की? कोर्ट के आदेश के बावजूद ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? उन्होंने सरकार पर प्राइवेट स्कूल प्रबंधन से सांठगांठ का आरोप भी लगाया।
पैसे पर भी सवाल खड़े किए
इसके अलावा, उन्होंने 10 हजार बस मार्शलों की बहाली में देरी, सरकारी अस्पतालों के निजीकरण और कृत्रिम बारिश पर खर्च किए गए पैसे पर भी सवाल खड़े किए।
नकली यमुना बनाने की जरूरत क्यों पड़ी-सौरभ
आप ने मांग की है कि मुख्यमंत्री इन सभी मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत जवाब दें। सौरभ भारद्वाज का कहना है कि दिल्ली की जनता अब “स्पष्टीकरण नहीं, ठोस जवाब” चाहती है। नेता ने यमुना को लेकर भी तीखे सवाल दागे। उन्होंने दिवाली की रात AQI मॉनिटरिंग स्टेशन बंद किए जाने और वॉटर स्प्रिंकलर के जरिए वास्तविक प्रदूषण आंकड़ों में कथित हेरफेर के आरोप भी लगाए।
”दिल्ली की जनता ठोस जवाब चाहती है”
इसके अलावा, उन्होंने 10 हजार बस मार्शलों की बहाली में देरी, सरकारी अस्पतालों के निजीकरण और कृत्रिम बारिश पर खर्च किए गए पैसे पर भी सवाल खड़े किए। आप ने मांग की है कि मुख्यमंत्री इन सभी मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत जवाब दें। सौरभ भारद्वाज का कहना है कि दिल्ली की जनता अब स्पष्टीकरण नहीं, ठोस जवाब चाहती है।
”मुख्य ठेकेदार को अभी तक क्यों नहीं पकड़ा गया”
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सरकार और दिल्ली पुलिस पर जनकपुरी ‘डेथ पिट’ मामले में लीपापोती का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि गरीब मजदूर को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन मुख्य ठेकेदार को अभी तक क्यों नहीं पकड़ा गया।
6 पुलिस थानों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई
सौरभ ने यह भी पूछा कि उन 6 पुलिस थानों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जिन्होंने पीड़ित परिवार की शिकायत दर्ज नहीं की। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह स्पष्ट जवाब देने की मांग की कि पीड़ित परिवार से मिलने में देरी क्यों हुई और जनता को इस मामले में साफ-सुथरी जानकारी क्यों नहीं दी गई।





