नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां और राजमाता माधवी राजे सिंधिया का 70 साल की उम्र में नई दिल्ली के AIIMS अस्पताल में आज सुबह करीब 9 बजे निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती थी। अमर उजाला की खबर के अनुसार, ग्वालियर में उनका अंतिम संस्कार किया जा सकता है।
लंबे समय से बीमार थी राजमाता
आपको बता दें कि माधवी राजे सिंधिया नेपाल के प्रधानमंत्री और कास्की के महाराजा की परपोती थीं। उनके दादा जुद्ध शमशेर बहादुर नेपाल के प्रधानमंत्री थे। माधवी राजे पिछले तीन महीने से बीमार थीं। 15 फरवरी को उन्हें दिल्ली के AIIMS अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कई बीमारियों ने घेर रखा था। इसी कारण लंबे समय से वे बीमार चल रही थीं। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों की मदद की। वे कई चैरिटी संस्थानों से भी जुड़ी थीं। साल 1966 में उनका विवाह माधवराव सिंधिया के साथ हुआ था।
वेंटिलेटर पर अपनी जिंदगी से संघर्ष कर रही थीं राजमाता
AIIMS अस्पताल से जुड़े सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि माधवी राजे ने आज सुबह करीब 9 बजकर 28 मिनट पर आखिरी सांस ली। वे पिछले कई दिनों से गंभीर स्वास्थ्य के चलते वेंटिलेटर पर अपनी जिंदगी से संघर्ष कर रही थीं। वे सेप्सिस के साथ निमोनिया से भी पीड़ित थीं। उनके बेटे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना-शिवपुरी संसदीय सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। इस सीट पर 7 मई को तीसरे चरण में मतदान हुआ था। चुनाव प्रचार के दौरान सिंधिया लगातार दिल्ली में अपनी मां से मिलने जाते थे।
ग्वालियर में हो सकता है अंतिम संस्कार
मीडियारिपोर्टस् के अनुसार, माधवी राजे सिंधिया के पार्थिव शरीर को आज उनके गृह क्षेत्र ग्वालियर ले जाया सकता है। वहीं उनका अंतिम संस्कार होने के संभावना है। उनके निधन के बाद राजघराने में सन्नाटा छा गया है।
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