नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोगों की तेज रफ्तार से बदलते लाइफस्टाइल के कारण इन दिनों लोगों को कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। डायबिटीज, बीपी जैसी बीमारियां इन दिनों काफी आम हो चुकी है, जिसकी वजह से लोग तेजी से इन समस्याओं की चपेट में आ रहे हैं।
बीपी की बात करें तो जहां पहले यह बीमारी बड़ी उम्र के लोगों के देखने को मिलती थी, लेकिन अब यह कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही है। यही हाल डायबिटीज का है। हाई कोलेस्ट्रॉल इन्हीं समस्याओं में से एक है, जिसके मामले तेजी से बढ़ती जा रहे हैं। शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल लेवल हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ा सकता है।
क्या है हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेत
शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा के बढ़ने के कुछ लक्षण होते है। अगर इनकी पहचान समय रहते कर ली जाए तो गंभीर स्थिति को होने से रोक सकते हैं। आइए जानते हैं हाई कोलेस्ट्रॉल की निशानियों को, जिनको देखकर भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।
हाई ब्लड प्रेशर
कोलेस्ट्रॉल प्लाक और कैल्शियम आपकी धमनियों यानी आर्टरीज को हार्ड और संकीर्ण बना देते हैं। इसके कारण शरीर में खून का दौरे पर असर पड़ता है। हार्ट तक पर्याप्त मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता है। साथ ही प्लाक के कारण खून गाढ़ा हो जाता है, जिसके कारण आपके दिल पर खून पंप करने के लिए ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
शरीर पर मोटाप
शरीर में बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल मोटापे का कारण भी बन सकता है। दरअसल, आपके ब्लड स्ट्रीम में बहुत ज्यादा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल फैट के प्रोडक्शन का कारण बन सकता है, जिसके परिणामस्वरूप मोटापा हो सकता है।
तनाव का महसूस होना
इन दिनों लोगों की जीवनशैली ऐसी हो चुकी है जिसमें वह काफी तनाव लेते है। यह वजह निजि भी हो सकती है या काम से जुड़ी हुईं। यदि शरीर में कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ा हुआ होगा तो तनाव का कारण बन सकता है। दरअसल, कोलेस्ट्रॉल का हाई लेवल कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जिसकी वजह से तनाव हो सकता है।
थकावट महसूस करना
अगर आपे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ गया है, तो इससे शारीरिक थकावट, बर्नआउट और एनर्जी की कमी हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप थकान हो सकती है। क्योंकि हाई कोलेस्ट्रोल के कारण ऑक्सीजन युक्त रक्त हार्ट तक नहीं पहुंचता, जिसके बाद हमारे अन्य अंगों तक कम ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुंचता है इसलिए थकान होती है।
छाती में दर्द होना
हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल का शुरुआती संकेत सीने में दर्द होता है। यह तब हो सकता है जब प्लाक का निर्माण दिल तक खून लाने वाली आर्टरीज को सिकुड़ जाती है। इस सिकुड़न के कारण दिल तक कम खून पहुंच पाता है जिसके कारण सीने में दर्द महसूस होता है। खून के कम पहुंचने की वजह से छाती की मांसपेशियों को कम खून मिलता है जिसके कारण दर्द उठता है।
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