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Sunday, March 8, 2026
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किसानो के सामने सरकार का प्रस्ताव, चार फसलों की MSP पर होगा पांच साल का कॉन्ट्रैक्ट, जानिए पूरा फार्मूला

सरकार और किसानों के बीच हुई चौथे दौर की बातचीत सकारात्मक रही। चंडीगढ़ में हुई बैठक में किसानों को चार फसलों पर पांच साल के लिए MSP देने पर सरकार ने हामी भर दी है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पिछले पांच दिनों से अपनी मांगो के लेकर शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे पंजाब हरियाणा और यूपी के किसानों को आखिरकार थोड़ा ही सही मगर इंसाफ मिल गया। एमएसपी को लेकर किसान की मांगों पर सरकार ने सहमति जता दी है। सरकार ने चार फसलों पर पांच साल तक एमएसपी की गारंटी देने के लिए राजी हो गई है। रविवार देर रात चंडीगढ़ में किसान और केंद्रीय मंत्रियों के बीच हुई चौथे दौर की वार्ता सकारात्मक रही। बैठक में सरकार के तीन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय शामिल रहे। बातचीत के बाद पियूष गोयल ने मीडिया से कहा कि किसान भाईयों के साथ बातचीत सकारात्मक रही। आपको बता दें कि यह बैठक ऐसे समय पर हुई है। जब हजारों की संख्या में पिछले पांच दिनों से किसान पंजाब हरियाणा सीमा पर आंदोलन कर रहे है। जो दिल्ली कूच करने को भी तैयार थे।

सरकार ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि किसान भाइयों को चार फसलों पर 5 साल तक एसपी पर गारंटी देने के लिए सरकार ने सहमति जता दी है। किसानों की 5 साल तक सरकारी एजेंसियां एमएसपी पर ही उनकी फसल को खरीदेंगी। इसमें कपास, मक्का और दालों की फसलें शामिल है। पियूष गोयल ने आगे कहा कि एनसीसीएफ,और नैफेड जैसी सरकारी समितियां उन सभी किसानों से के साथ अनुबंध करेंगी। जो किसान अपने खेतों में अरहर दाल, मसूर दाल, उड़द दाल और मक्का की फसलें उगाते है। और इन्ही फसलों पर एमएसपी भी पांच सालों तक मिलेगी। किसान जो फसल बेचेंगे उसकी कोई लिमिट नही होगी। सरकार जल्द ही इसके लिए एक पोर्टल भी बनाएगी। सरकार का मकसद बंजर खेती को बचाना है। साथ ही अलग अलग फसलों के उत्पादन से पंजाब की खेती भी बच सकेगी।

किसानों ने सरकार के प्रस्ताव पर क्या कहा?

सरकार और किसानों के बीच रविवार को चंडीगढ़ में बातचीत के दौरान जो प्रस्ताव सरकार ने किसानों के सामने रखा। उससे अभी तक तो यही लग रहा है कि किसान इस प्रस्ताव से सहमत हो सकते हैं। लेकिन किसान नेता पंधेर ने कहा है कि 19 और 20 फरवरी को हम अपने मंचों पर चर्चा करेंगे। सरकार ने जो प्रस्ताव हमारे सामने रखा है। उसमे हम विशेषज्ञ की राय लेंगे। इसके बाद ही भविष्य का निर्णय ले सकेंगे। पंधेर ने आगे कहा कि अभी भी कर्ज माफी और अन्य मांगों पर सरकार ने कुछ नहीं कहा है। आपको बता दे कि किसान आंदोलन अभी भी रुका हुआ है लेकिन 21 फरवरी को यह आंदोलन फिर से शुरू होगा।

बीजेपी नेताओ के घरों का करेंगे घेराव

एसकेएम के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने वार्ता से पहले कहा था कि वह अपनी मांगो को लेकर आगामी मंगलवार से सरकार पर दबाव बनाने के लिए पंजाब में बीजेपी नेताओं के आवास का घेराव करेंगे। साथ ही राज्य के सभी टोल बैरियर का विरोध करेंगे। आपको बता दें कि उधर हरियाणा के कुरूक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन प्रमुख गुरनाम सिंह चढूंनी ने कहा है कि हम किसान के साथ आंदोलन में हिस्सा लेंगे और उनका समर्थन करेंगे।

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