2030 तक 50 प्रतिशत तक कम हो जाएंगे Road Accidents: नितिन गडकरी

Road Accident: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और 2030 तक दुर्घटना से होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है।
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नई दिल्ली, (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और 2030 तक दुर्घटना से होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है।

सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए सभी हितधारकों के सहयोग पर जोर दिया

गडकरी ने ‘सड़क सुरक्षा - भारतीय सड़कें@2030 - सुरक्षा के स्तर को ऊपर उठाना’ विषय पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के राष्ट्रीय कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि 'सड़क सुरक्षा के 4ई' -इंजीनियरिंग (सड़क और वाहन इंजीनियरिंग) - प्रवर्तन - शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवा को मजबूत करने पर ध्यान देने के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार में बदलाव बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए सभी हितधारकों के सहयोग पर जोर दिया।

हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और 19 मौतें होती हैं

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना 2022 पर नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार 4.6 लाख सड़क दुर्घटनाएं हुईं, 1.68 लाख मौतें हुईं और 4 लाख गंभीर घायल हुए। उन्होंने कहा कि हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और 19 मौतें होती हैं।

60 प्रतिशत मौतें 18 से 35 वर्ष की युवा आयु वर्ग में होती हैं

गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप सकल घरेलू उत्पाद को 3.14 प्रतिशत का सामाजिक-आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत मौतें 18 से 35 वर्ष की युवा आयु वर्ग में होती हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में मृत्यु एक परिवार में कमाने वाले की हानि, नियोक्ता के लिए पेशेवर क्षति और अर्थव्यवस्था के लिए समग्र क्षति है।

केंद्रीय मंत्री ने ड्राइवरों की नियमित आंखों की जांच पर जोर दिया

गडकरी ने कहा कि नागरिकों के बीच अच्छे यातायात व्यवहार के लिए पुरस्कार की प्रणाली से नागपुर में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। केंद्रीय मंत्री ने ड्राइवरों की नियमित आंखों की जांच पर जोर दिया और संगठनों से अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत इसके लिए मुफ्त शिविर आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेजों के बीच शिक्षा और जागरूकता, एनजीओ, स्टार्ट-अप, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, आईआईटी, विश्वविद्यालयों, यातायात और राजमार्ग प्राधिकरणों के साथ सहयोग सड़क सुरक्षा के लिए अच्छी प्रथाओं को फैलाने का रास्ता है।

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