नई दिल्ली, हि.स.। भारत मंडपम में मिनी भारत का प्रतिनिधित्व करता शिल्प बाजार सज गया है। विदेशी मेहमानों के लिए यह मिनी भारत जैसा है ,जहां एक जिला एक उत्पाद जीआई टैग के तहत 75 जिलों की अनूठी कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।
देश के कोने-कोने से आए शिल्पकार
हॉल नंबर तीन में सजे इस अनूठे बाजार में देश के कोने-कोने से आए शिल्पकार भाग ले रहे हैं। विदेशी मेहमान यहां कश्मीर की कालीन, पंजाब की फुलकारी, मधुबनी पेंटिग्स, महाराष्ट्र के बांस के उत्पाद, असम की चाय, तंजावुर की पेंटिंग्स, पूर्वोत्तर राज्यों की लकड़ी व बांस से बनी वस्तुएं, हस्तकरघा, मिट्टी से बनी वस्तुएं, रंगाई-छपाई सब एक छत के नीचे देख सकेंगे। यह हॉल विविधता में एकता का प्रतीक है और भारतीय पारंपरिक कला व संस्कृति की झलक पेश करता है।
यूपीआई के माध्यम से खरीदारी कर सकेगें विदेशी मेहमान
विदेशी मेहमानों को न केवल इन कलाकृतियों और कला की बारीकियों से रूबरू कराया जाएगा बल्कि वे डिजिटल खरीदारी भी कर सकेंगे। उन्हें यूपीआई के माध्यम से खरीदारी कराई जाएगी। शिल्प बाजार में कपड़े, जूलरी, हैंडिक्राफ्ट के सामान, बर्तन, सजावटी सामान, पेंटिंग्स, चाय की खरीदारी के साथ उन्हें बनता भी देखा जा सकता है। बिहार शिल्प स्टॉल में कलाकार मधुबनी पेंटिंग्स बनाती देखेंगी। यहां मेहमानों के लिए सेल्फी स्टैंड भी बनाया गया है जहां वे सेल्फी भी ले सकेंगे।
बाजार क्षमता को बढ़ा रहे है हम : मुक्तेश
हॉल 3 में स्थापित, ‘शिल्प बाजार’ में खादी और ग्रामोद्योग आयोग और ट्राइफेड सहित केंद्रीय और क्षेत्रीय एजेंसियों के भी स्टॉल हैं। विदेश मंत्रालय के जी-20 सचिवालय में विशेष सचिव मुक्तेश के. परदेशी ने संवाददाताओं को बताया कि इस प्रदर्शनी-सह-बिक्री के माध्यम से, हम प्रत्येक उत्पाद की बाजार क्षमता को बढ़ा रहे हैं, जिसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रदर्शित किया जाएगा। शिल्प बाजार भारत से सर्वश्रेष्ठ हस्तशिल्प वस्तुओं को एक छत के नीचे ले कर आया है और कलाकार अपनी कला का लाइव प्रदर्शन कर सकें।
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