G-20 में शामिल हुआ अफ्रीकी देशों का ग्रुप, पीएम ने ढाई हजार साल पुराने मंत्र से दिया वैश्विक एकता का फॉर्मूला

G20 Summit 2023: हेवं लोकश:हित मुखेति, अथ: इयं नातेशु हेवं अर्थात मानवता का कल्यान और उसका सुख सुनिश्चित किया जाए। हमने यह संदेश पूरी दुनिया को ढाई हजार साल पहले दे दिया था। अब हम सबको इसपे काम करना
G20 Summit
G20 Summit

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारत की अध्यक्षता में जी-20 शिखर सम्मेलन की बैठक नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस समिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि सबसे पहले मैं पूरी दुनिया की तरफ से मोरक्को में आए भूकंप से हुई जनहानि के लिए दुख व्यक्त करता हूं। इसके साथ पीएम ने कहा मेरी संवेदनाएं वहां के लोगों के साथ हैं, इस कठिन समय में हम मोरक्को को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। इसके साथ पीएम ने समिट में मौजूद दुनिया के सभी राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत करते हुए अपना संबोधन शुरू किया।

पीएम ने भारत मंडपम पर पहुंचने वाले सभी प्रमुख नेताओं का स्वागत किया

प्रधानमंत्री ने दिल्ली के प्रगति मैदान में जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आयोजन स्थल भारत मंडपम पर पहुंचने वाले सभी प्रमुख नेताओं का स्वागत किया। जी-20 शिखर सम्मेलन स्थल पर पहुंचने वाले प्रमुख नेताओं में विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक एवं चेयरमैन क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवीला शामिल थे।

कोणार्क चक्र के पास पीएम ने किया नेताओं का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत मंडपम के स्थान पर खड़े होकर विश्व नेताओं का स्वागत किया, उसके ठीक पीछे 13वीं शताब्दी की सुप्रसिद्ध कलाकृति कोणार्क चक्र की प्रतिकृति स्थापित की गई है। इस चक्र को समय, प्रगति और निरंतर परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन 9 और 10 सितंबर तक चलेगी।

प्रधानमंत्री के संबोधन क्या था खास?

समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज हम जिस स्थान पर एकत्रित हैं, यहां कुछ किलोमीटर दूर ढाई हजार साल पुराना एक स्तंभ लगा है। जिस पर लिखा है, हेवं लोकश:हित मुखेति, अथ: इयं नातेशु हेवं अर्थात मानवता का हित और उसका कल्याण सुनिश्चित हो। हमने यह संदेश पूरी दुनिया को ढाई हजार साल पहले दे दिया था। 21वीं सदी का यह समय पूरी दुनिया को नई दिशा देने वाला है। यह वह समय है जब सालों पुरानी चुनौतियां हमसे नये समाधान मांग रही हैं। इसलिए हमें अपने हर दायित्व को निभाते हुए आगे बढ़ना है।

पीएम मोदी ने आगे कहा, कोरोना के बाद विश्व में एक बहुत बड़ा संकट विश्वास के अभाव का आया है। युद्ध ने इस विश्वास के संकट को और गहरा कर दिया है। जब हम कोविड को हरा सकते हैं तो हम आपसी अविश्वास के तौर पर आए संकट को भी हरा सकते हैं। हम सब मिलकर ग्लोबल ट्रस्ट डेफिसिट को एक विश्वास और एक भरोसे में बदलने का काम करेंगे। यह समय है जब सबको साथ मिलकर चलना होगा। इसी लिए सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास का मंत्र हम सब के लिए पथ प्रदर्शक बन सकता है।

समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अफ्रीकी युनियन को जी20 में शामिल किए जाने का प्रस्ताव शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी राष्ट्रों के समने रखा। इस प्रस्ताव को सभी सदस्य देशों ने स्वीकार कर लिया। जिसके बाद कोमोरोस संघ के राष्ट्रपति और अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष अजाली औसमानी को जी20 के सदस्य देशों के साथ आसन पर बिठाया गया। इस प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष ने पीएम मोदी को गले लगा कर धन्यवाद किया।

अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें :- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.