नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली महिला आयोग (National Commission of Delhi) की पूर्व DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल द्वारा नियुक्त 223 कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया है। मालीवाल पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए DCW अधिनियम, 1994 के वैधानिक प्रावधानों और फाइनेंस और प्लैनिंग डिपार्टमेंट, GNCTD के विभिन्न स्थायी निर्देशों का उल्लंघन किया है।
स्वाति मालीवाल ने नियमों का किया उल्लंघन
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अपने आदेश में कहा- पूर्व DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए DCW अधिनियम, 1994 के वैधानिक प्रावधानों और फाइनेंस और प्लैनिंग डिपार्टमेंट, GNCTD के विभिन्न स्थायी निर्देशों का उल्लंघन किया है। दिल्ली महिला आयोग के 223 पदों को भरने के लिए जिन लोगों का चयन हुआ, उनके बैकग्राउंड को बिना पढ़े और चेक करें उनकी आयुक्ति की गई। नियुक्त किए गए कर्मचारियों की पात्रता को जाने बिना और GNCTD को सूचित किए बिना इनका इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। इस तरह की नियुक्त के लिए किसी को निमंत्रण नहीं दिए जाते हैं। नियुक्ति के लिए GNCTD की अनुमति ली जाती है। इस बात का यहां उल्लंघन हुआ। DCW द्वारा की गई इन सभी अनियमितताओं और अवैधताओं का संज्ञान लेते हुए उपराज्यपाल ने अपने आदेश को मंजूरी दे दी है।
आदेश में क्या कहा?
उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया कि पूर्व DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के कार्यकाल में नियुक्त किए गए सभी कर्मचारियों की सेवाओं को तत्काल प्रभाव से हटाने के लिए सूचित किया जाता है। आपको बता दें, दिल्ली महिला आयोग में विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए GNCTD से अनुमति लेनी पड़ती है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष सीधे नियुक्तियां करने का पॉवर नहीं रखतीं। लोकसभा चुनाव शुरु होने से पहले स्वाती मालीवाल ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजधानी दिल्ली की सत्तारुढ़ पार्टी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गईं थीं। वे दिल्ली से राज्यसभा सांसद हैं।
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