नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्लीवासियों और राजधानी आने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही एक नया और शानदार अनुभव शुरू होने वाला है। अब यमुना नदी पर लोग लग्ज़री और इको-फ्रेंडली क्रूज की सैर का आनंद ले सकेंगे। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई यह आधुनिक क्रूज बोट पूरी तरह ‘मेड इन इंडिया’ है और इसे खासतौर पर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पहल न सिर्फ दिल्ली के पर्यटन को नई दिशा देगी, बल्कि यमुना नदी को एक नए और सकारात्मक रूप में पेश करने का काम भी करेगी।
दिल्ली के नदी पर्यटन की जरूरतों को पूरा करेगी
यह इलेक्ट्रिक क्रूज बोट नवी मुंबई के तलोजा में स्थित प्रसिद्ध शिपबिल्डिंग कंपनी इंस्पिरेशन मरींस द्वारा बनाई गई है। बोट को तैयार करने में लगभग 6 महीने का समय लगा है। इसकी अनुमानित आयु करीब 20 साल बताई जा रही है, जिससे यह लंबे समय तक दिल्ली के नदी पर्यटन की जरूरतों को पूरा कर सकेगी। खास बात यह है कि इस क्रूज को बायो सिस्टम तकनीक पर विकसित किया गया है, जिससे न तो यमुना के पानी को नुकसान पहुंचेगा और न ही किसी तरह का प्रदूषण फैलेगा।
जल्द ही आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा
दिल्ली टूरिज्म के लिहाज से इस क्रूज परियोजना को एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। राजधानी में अब तक सड़क, मेट्रो और हेरिटेज टूरिज्म पर ज्यादा फोकस रहा है, लेकिन यमुना नदी को पर्यटन से जोड़ने की यह पहली बड़ी और ठोस पहल है। यह क्रूज बोट फिलहाल लगभग 90 फीसदी तक तैयार हो चुकी है। पहले इसे नवंबर 2025 में लॉन्च करने की योजना थी, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों और बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों में देरी के चलते इसकी शुरुआत टाल दी गई। अब संबंधित एजेंसियों को उम्मीद है कि सभी जरूरी तैयारियां पूरी होते ही इसे जल्द ही आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
यह क्रूज 6 से 8 किलोमीटर लंबे एक विशेष रूट पर चलेगा
यह क्रूज 6 से 8 किलोमीटर लंबे एक विशेष रूट पर चलेगा। इस रूट का चयन यमुना नदी के उस हिस्से में किया गया है, जहां पानी की गुणवत्ता अन्य हिस्सों की तुलना में बेहतर मानी जाती है। इससे यात्रियों को न सिर्फ सुरक्षित सफर मिलेगा, बल्कि सफाई और स्वच्छता के लिहाज से भी बेहतर अनुभव होगा। क्रूज का शुरुआती बिंदु वजीराबाद बैराज के पास स्थित सोनिया विहार पुस्ता को बनाया गया है, जबकि इसका अंतिम पड़ाव जगतपुर शनि मंदिर के पास तय किया गया है।
पर्यटकों और वीकेंड पर घूमने वालों के बीच काफी लोकप्रिय होगा।
इस दौरान यात्री यमुना नदी के किनारे बसे इलाकों, हरियाली और शांत वातावरण का आनंद ले सकेंगे। राजधानी की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच यह क्रूज लोगों को कुछ समय के लिए सुकून और शांति का अहसास कराएगा। माना जा रहा है कि यह अनुभव खासतौर पर परिवारों, पर्यटकों और वीकेंड पर घूमने वालों के बीच काफी लोकप्रिय होगा।
यमुना नदी को स्वच्छ और संरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी
इस क्रूज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक है। इसमें डीजल या पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जिससे न तो ध्वनि प्रदूषण होगा और न ही नदी में तेल या ईंधन से जुड़ा कोई खतरा रहेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना सस्टेनेबल टूरिज्म और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में एक अहम कदम है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन कम होगा, बल्कि यमुना नदी को स्वच्छ और संरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी।
यमुना पर क्रूज की शुरुआत से दिल्ली में नदी पर्यटन को बड़ा बढ़ावा
यमुना पर क्रूज की शुरुआत से दिल्ली में नदी पर्यटन (River Tourism) को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे न सिर्फ पर्यटन उद्योग को फायदा होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही, लोगों की यमुना नदी को लेकर बनी नकारात्मक छवि बदलने में भी यह पहल सहायक साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर, यमुना नदी पर चलने वाला यह इलेक्ट्रिक क्रूज दिल्ली के लिए एक नई पहचान बनने जा रहा है। यह सुविधा न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि लोगों को यमुना से जोड़ने और उसे नए नजरिए से देखने का मौका भी देगी। शहरवासियों और पर्यटकों के लिए यह क्रूज सफर अलग, यादगार और रोमांचक अनुभव साबित होने वाला है।




