नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ संसद की एथिक्स कमिटी ने उनकी लोकसभा की सदस्यता को रद्द करने की रिपोर्ट सदन में रखी थी। लगभग आधे घंटे चली चर्चा के बाद सदन ने महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने से संबंधित संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के प्रस्ताव में अपनी मुहर लगा दी। इसी के साथ महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द हो गई है।
महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द होने का कारण
बता दें कि महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर अडानी समूह के खिलाफ सवाल पूछने के आरोप लगे है, ऐसा उन्होंने कारोबारी हीरानंदानी को लाभ पहुंचाने के लिए किया। महुआ मोइत्रा ने भी खुद स्वीकारा था कि उन्होंने संसद में सवाल पूछने वाले पोर्टल का आईडी पासवर्ड साझा किये थे। यहां तक कि हीरानंदानी ने भी महुआ को रिश्वत देने की बात स्वीकार की थी। महुआ मोइत्रा पर हीरानंदानी से 2 करोड़ रुपये की नकदी सहित कई तरह की रिश्वत लेने के आरोप लगे है।
विनोद कुमार सोनकर ने सदन के पटल पर एथिक्स की रिपोर्ट रखी
दरअसल लोकसभा की एथिक्स कमिटी ने रिश्वत लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की थी। लोकसभा सचिवालय द्वारा प्रसारित कार्य सूची के अनुसार ही, एथिक्स कमेटी के चैयरमैन विनोद कुमार सोनकर ने समिति की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। समिति ने गत 9 नवंबर को की गई एक बैठक में सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट स्वीकारी थी। आज(शुक्रवार) को सदन ने एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट में मुहर लगा दी है और महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता को रद्द कर दिया है।
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