Cash For Query: निशिकांत दुबे के खिलाफ, महुआ मोइत्रा की मानहानि याचिका पर, HC में 11 दिसंबर को होगी सुनवाई

New Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील अनंत देहद्राई के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई टाल दी है।
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नई दिल्ली, हि.स। दिल्ली हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील अनंत देहद्राई के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई टाल दी है। मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी। आज सुनवाई के दौरान मीडिया संस्थानों की ओर से कहा गया कि पिछली सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा के वकील ने मौखिक रूप से कहा था कि वो मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफार्म का नाम पक्षकारों की सूची से हटाना चाहती हैं लेकिन इस संबंध में कोई अर्जी दायर नहीं की गई है।

हाई कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की अर्जी को मंजूरी दी

दरअसल, 31 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील समुद्र सारंगी ने कहा था कि याचिकाकर्ता 18 प्रतिवादियों के नाम पक्षकारों की सूची से हटाना चाहती हैं। वे केवल भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहद्राई के खिलाफ ही केस चलाना चाहती हैं।

हाई कोर्ट ने अर्जी को मंजूर करते हुए महुआ मोइत्रा को एक हफ्ते के अंदर पक्षकारों की संशोधित सूची दाखिल करने का निर्देश दिया। उसके बाद कोर्ट ने निशिकांत दुबे और जय अनंत देहद्राई को दो हफ्ते के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

सीबीआई शिकायत वापस लेकर बदले में हेनरी नामक कुत्ता अपने कब्जे में ले लें

20 अक्टूबर को महुआ मोइत्रा के वकील गोपाल शंकरनारायण ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था। सुनवाई के दौरान इस मामले के प्रतिवादी और वकील जय अनंत देहद्राई ने वकील गोपाल शंकरनारायण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि महुआ के वकील ने उनसे संपर्क कर महुआ के खिलाफ सीबीआई की शिकायत वापस लेने को कहा था।

देहद्राई ने कहा था कि 19 अक्टूबर की रात को गोपाल शंकरनारायण ने उन्हें फोन किया और कहा कि सीबीआई शिकायत वापस लेकर बदले में हेनरी नामक कुत्ता अपने कब्जे में ले लें। देहाद्राई और महुआ ने एक-दूसरे पर हेनरी की चोरी का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस से शिकायत की है। देहाद्राई ने कहा था कि ये हितों के गंभीर टकराव का मामला है।

क्या अब भी आप इस मामले में पेश होने योग्य हैं?

देहाद्राई की बातें सुनने के बाद जस्टिस सचिन दत्ता ने निराशा जाहिर करते हुए कहा था कि मुझे आश्चर्य है। आपसे उच्च पेशेवर मानदंडों की उम्मीद की जाती है। क्या आपने प्रतिवादी नंबर दो से संपर्क किया है । इस पर गोपाल शंकरनारायण ने कहा था कि उन्होंने देहाद्राई से महुआ मोइत्रा की सहमति से संपर्क किया था।

तब कोर्ट ने कहा था कि आपने मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की। क्या अब भी आप इस मामले में पेश होने योग्य हैं। इसका जवाब आप खुद दें, मैं आप पर छोड़ता हूं। इस पर गोपाल शंकरनारायणन ने महुआ की तरफ से वकील के रूप में अपना नाम वापस ले लिया।

महुआ मोइत्रा VS निशिकांत दुबे

महुआ मोइत्रा ने निशिकांत दुबे के अलावा वकील जय अनंत देहाद्राई और कुछ मीडिया संगठनों को प्रतिवादी बनाया है। याचिका में कहा गया है कि निशिकांत दुबे और देहाद्राई ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पैसे लेकर संसद में सवाल पूछे। निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे और उपहार लेकर संसद में सवाल पूछे।

इनमें से कुछ सवाल अडानी समूह से जुड़े हुए थे, जो हीरानंदानी का बाजार में प्रतिस्पर्धी है। दुबे को वकील देहाद्राई ने पत्र लिखकर बताया कि उन्होंने सीबीआई से इस बात की शिकायत की है कि महुआ मोइत्रा ने हीरानंदानी से पैसे लेकर संसद में सवाल पूछे। देहाद्राई ने अपनी शिकायत के समर्थन में सीबीआई को साक्ष्य भी पेश किया था।

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