नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को 1 जून 2024 तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें चुनाव प्रचार करने की अनुमति दे दी है। अरविंद केजरीवाल को चुनाव खत्म होने के बाद 2 जून को सरेंडर करना होगा। यानि वापस जेल जाना होगा। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर, अंतरिम जमानत को रुकवाने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के चुनाव प्रचार करने के निर्णय का सम्मान किया और उन्हें 1 जून तक अंतरिम जमानत दे दी।
यह बात तो जनता पर निर्भर करता है कि वह किस पार्टी को पसंद करती है
अब बात करते हैं कांग्रेस और आप के गठबंधन की, क्या अरविंद केजरीवाल के अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आने पर विपक्ष को इसका कोई फर्क पड़ेगा या नहीं। यह बात तो जनता पर निर्भर करता है कि वह किस पार्टी को पसंद करती है। अगर उनके जमानत पर बाहर आने से इसका विपक्ष पर कुछ प्रभाव पड़ता भी है तो वह पड़ेगा कांग्रेस और आप के गठबंधन वाली सीटों पर।
दिल्ली में कांग्रेस और आप के गठबंधन में सीट बंटवारे में आप के खाते में 4 सीट और कांग्रेस के खाते में 3 सीट आयी हैं। इसके अलावा कांग्रेस और आप के गठबंधन में कांग्रेस ने सीट बंटवारे में हरियाणा की कुरुक्षेत्र और गुजरात की भरुच लोकसभा सीट आप को दी है। बताना चाहेंगे की आप पंजाब की सभी 13 सीटों में लोकसभा का चुनाव लड़ रही हैं। जहां 1 जून 2024 को मतदान होना है। वहीं दिल्ली में 25 मई 2024 को 7 लोकसभा सीटों के लिए मतदान होना है।
सबसे ज्यादा उत्साह उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को होगा
अरविंद केजरीवाल के चुनाव प्रचार में आने से कहीं न कहीं विपक्ष का चुनावी प्रचार जोर पकड़ेगा। जहां अरविंद केजरीवाल की अनुपस्थिति में उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने चुनाव प्रचार की मुहीम संभाल ली थी। उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर हमला किया था। वह रामलीला मैदान में आयोजित रैली में भी शामिल हुई थी। अब अरविंद केजरीवाल के चुनाव प्रचार में आ जाने से सबसे ज्यादा उत्साह उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को होगा। वे और जोश के साथ अपने नेता का चुनाव प्रचार में साथ देंगे।
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