नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। एयर इंडिया एक्सप्रेस की दिक्कतें थमने का नाम नहीं ले रहीं। केबिन क्रू के 300 कर्मचारियों द्वारा बीमार होने की छुट्टी लेने के बाद फ्लाइट ऑपरेशनों में समस्या आने के बाद एयरलाइन कंपनी ने 25 कर्मचारियों को बर्खास्त करने का नोटिस भेजा है।आज भी 90 उड़ानें रद्द हैं। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया
यात्रियों ने अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लिया है। एक यूजर ने प्रतिक्रिया दी। एयर एशिया इंडिया के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस के विलय से नाराज कर्मचारियों के विरोध जताने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस के लगभग केबिन क्रू के 200 कर्मचारियों द्वारा बीमार होने की छुट्टी लेने के बाद कंपनी ने बर्खास्त पत्र जारी किया।
यात्रियों की नहीं थम रही परेशानी
एक्स पर एक यूजर ने परेशान होकर एयर इंडिया एक्सप्रैस को ट्वीट कर अपनी परेशानी बताई। यूजर ने लिखा- मेरे रिश्तेदार एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या IX-560 से यात्रा कर रहे हैं @एयरइंडियाएक्स 10/05/24 को भुवनेश्वर से बुकिंग आईडी NF7WHM और PAN नंबर YY2NKK है। उन्होंने पूछा क्या उड़ान निर्धारित समय पर है? कृपया सूचित करें @एयरइंडियाएक्स @एयर इंडिया
एयरपोर्ट पर यात्री परेशान
दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे यात्रियों की लंबी लाइन खड़ी हो गई। एक्स पर एक यूजर ने वीडियो पोस्ट कर यात्रियों को हो रही समस्याओं के बार में दिखाया।
क्या कहा गया टर्मिनेशन लेटर में?
टर्मिनेशन लेटर में लिखा है कि केबिन क्रू का 7 मई को होने वाली उड़ाने के लिए रोस्टर तैयार कर दिया गया था। लेकिन आखिरी समय में शेड्यूलिंग टीम को सूचित किया गया कि क्रू मेम्बर्स बीमार है और वह काम पर नहीं आ सकते। साथ ही बताया गया कि उसी समय के आसपास बड़ी संख्या में अन्य केबिन क्रू मेम्बर्स ने भी बीमार होने की सूचना दी। यह साफ तौर से इस ओर इशारा करता है कि यह मास लीव एक साजिश के तहत ली गई थी। इस मास लीव के कारण एयनलाइन को भारी नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही साथ यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्या कहना है एयरलाइन के CEO का?
कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में एयर इंडिया एक्सप्रेस के CEO आलोक सिंह ने कहा कि इस तरह से हड़ताल की साजिश करीब 100 कर्मचारियों द्वारा की गई थी। जिसके कारण 90 से अधिक उड़ानों पर प्रभाव पड़ा। कई उड़ाने रद्द करनी पड़ी तो कई उड़ानों में देरी हुई। सिंह ने कहा कि इस तरह की हरकत कंपनी के 2,000 से अधिक सभी केबिन क्रू के काम करने के तरीके को नहीं दर्शाती है। इस मास लीव के बाद भी कई मेम्बर्स जो ड्यूटी करने के लिए मौजूद रहे। उन्होंने अपनी ड्यूटी करने हुए सभी यात्रियों का सम्मान के साथ स्वागत किया और अपना पूरा काम किया।
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