नई दिल्ली, 21 मई (हि. स.)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे स्व. राजीव गांधी को उनके पुण्यतिथि पर नमन किया है।मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक संदेश जारी करते हुए लिखा कि ‘पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन।’ उल्लेखनीय है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को आत्मघाती हमले में हत्या हुई थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में श्रीलंका में शांति सेना भेजी थी, जिससे तमिल विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) उनसे नाराज चल रहा था। 1991 में जब लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने राजीव गांधी चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर गए तो वहां लिट्टे ने राजीव पर आत्मघाती हमला करवाया। लिट्टे ने इसके लिए सुनियोजित तैयारी की थी। राजीव गांधी जब प्रचार के दौरान लोगों से मिल रहे थे तब एक महिला आतंकी धनु (तेनमोजि राजरत्नम) उनको फूलों की हार पहनाने के लिए आई। उसने राजीव के पैर छूए और झुकते हुए कमर पर बंधे विस्फोटकों में ब्लास्ट कर दिया। धमाका इतना जबर्दस्त था कि कई लोगों के चीथड़े उड़ गए। राजीव और हमलावर धनु समेत 16 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि 45 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस हमले में ट्रायल कोर्ट ने साजिश में शामिल 26 दोषियों को मृत्युदंड दिया था। पर मई 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने 19 लोगों को बरी कर दिया। सात में से चार आरोपियों को मृत्युदंड सुनाया और बाकी को उम्रकैद। इन चारों दोषियों की दया याचिका पर तमिलनाडु के राज्यपाल ने नलिनी की मृत्युदंड को उम्रकैद में बदला। पर बाकी आरोपियों की दया याचिका को 2011 में राष्ट्रपति ने ठुकरा दिया। हालांकि फरवरी 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने मृत्युदंड में देरी के आधार पर तीनों आरोपियों की फांसी की सजा भी उम्रकैद में बदल दी। साथ ही तमिलनाडु की सरकार को अच्छे आचरण के आधार पर 14 साल बाद उन्हें रिहा करने की छूट दी। पर जब राज्य सरकार ने ऐसा किया तो कोर्ट ने ही उस पर रोक भी लगा दी। सितंबर 2018 में तमिलनाडु की स्टेट कैबिनेट ने सातों आरोपियों को रिहा करने का संकल्प दोहराया। पर राज्यपाल ने अब तक उस पर अपनी सहमति नहीं दी है। तमिलनाडु में नवनिर्मित डीएमके सरकार के मुखिया एमके स्टालिन ने भी बीते दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि वे राज्य सरकार की सिफारिश को स्वीकार करें और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्याकांड के सभी सातों दोषियों के उम्रकैद की सजा माफ करने का उचित आदेश पारित करें और तुरंत रिहाई का निर्देश दें। हिन्दुस्थान समाचार/ श्वेतांक




