नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली मेट्रो के नक्शे में बड़ा बदलाव आने वाला है। लंबे समय तक कश्मीरी गेट ही दिल्ली का इकलौता ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन रहा, जहां तीन मेट्रो लाइनें आपस में मिलती हैं। लेकिन अब फेज-4 के तहत आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर भी ट्रिपल-इंटरचेंज हब बनेंगे, जिससे राजधानी में यात्रियों की सुविधा और तेज होगी।
फेज-4 में 3 नए सुपर हब
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के मुताबिक, फेज-4 के काम पूरा होने के बाद तीनों स्टेशन ऐसे बनेंगे जहां एक ही जगह तीन-तीन लाइनें मिलेंगी। इससे यात्रियों को बार-बार ट्रेन बदलने की झंझट कम होगी और सफर का समय भी घटेगा। विशेष रूप से उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
कश्मीरी गेट स्टेशन की मौजूदा भूमिका
फिलहाल कश्मीरी गेट स्टेशन रेड, येलो और वायलेट लाइन को जोड़ता है और रोजाना भारी संख्या में यात्री यहां से सफर करते हैं। यह स्टेशन उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली को मध्य और दक्षिण दिल्ली से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता रहा है।
2026 के अंत तक होंगे 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज
फेज-4 के तहत सबसे पहले आजादपुर स्टेशन ट्रिपल-इंटरचेंज के रूप में काम करेगा, जहां येलो, पिंक और मैजेंटा लाइन मिलेंगी। अधिकारियों के अनुसार यह हब 2026 के अंत तक चालू हो जाएगा। इससे उत्तर, पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच यात्रा और आसान हो जाएगी।
नई दिल्ली स्टेशन बनेगा एयरपोर्ट-हब
नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन भी जल्द ही येलो लाइन, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और ग्रीन लाइन से जुड़कर ट्रिपल-इंटरचेंज बन जाएगा। इससे एयरपोर्ट, सेंट्रल दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। हालांकि ग्रीन लाइन का विस्तार अभी शुरू नहीं हुआ है और इसे चालू होने में कुछ साल लग सकते हैं।
लाजपत नगर में होगी दक्षिण दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत
लाजपत नगर स्टेशन वायलेट, पिंक और प्रस्तावित गोल्डन लाइन को जोड़कर दक्षिण दिल्ली में महत्वपूर्ण हब बन जाएगा। इससे दक्षिण दिल्ली में ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
फेज-5 (A) में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भी बनेगा हब
इसके अलावा फेज-5 (ए) में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट को भी ट्रिपल-इंटरचेंज बनाने की योजना है, जहां येलो, वायलेट और मैजेंटा लाइनें मिलेंगी। इससे सेंट्रल विस्टा और सरकारी इलाकों तक पहुंच और आसान होगी।
DMRC का दावा
डीएमआरसी अधिकारियों का कहना है कि ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशनों से यात्रा समय घटेगा, मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ेगा और सड़क ट्रैफिक व प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।




