नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली मेट्रो से सफर करने वालों के बीच इन दिनों यह चर्चा तेज है कि क्या अब मेट्रो स्मार्ट कार्ड के लिए मोबाइल नंबर और ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है? क्या एक व्यक्ति सिर्फ एक ही स्मार्ट कार्ड खरीद सकता है? और क्या परिवार के बाकी सदस्य अब अलग-अलग कार्ड नहीं ले पाएंगे? इन सवालों की वजह बनी नोएडा सेक्टर-34 मेट्रो स्टेशन की एक घटना, जहां एक यात्री से स्मार्ट कार्ड लेने के लिए मोबाइल नंबर और ओटीपी मांगा गया।
नोएडा स्टेशन की घटना से बढ़ा कन्फ्यूजन
हाल ही में एक यात्री जब नोएडा सेक्टर-34 मेट्रो स्टेशन पर स्मार्ट कार्ड लेने पहुंचा तो कस्टमर केयर स्टाफ ने उससे मोबाइल नंबर मांगा। नंबर देने पर ओटीपी आया और वही ओटीपी लेकर कार्ड जारी किया गया। जब यात्री ने पूछा कि पहले तो ऐसा नहीं होता था, तो कर्मचारी ने कहा – “अब एक नंबर पर एक ही कार्ड मिलेगा। यह सुनकर यात्री को लगा कि अगर घर में एक ही नंबर है तो बाकी लोग कार्ड कैसे लेंगे? इसी उलझन में उसने स्मार्ट कार्ड छोड़कर क्यूआर टिकट ले लिया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने साफ किया है कि दिल्ली मेट्रो ने अपने पुराने स्मार्ट कार्ड के नियम नहीं बदले हैं। असल में मेट्रो स्टेशनों पर दो तरह के स्मार्ट कार्ड मिलते हैं और इसी वजह से यह भ्रम पैदा हुआ।
DMRC का सामान्य स्मार्ट कार्ड
यह वही पुराना मेट्रो कार्ड है जो सालों से लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। इस कार्ड की खास बातें इसके लिए न मोबाइल नंबर चाहिए, न ओटीपी एक व्यक्ति कई कार्ड खरीद सकता है परिवार के सभी सदस्यों के लिए अलग-अलग कार्ड लिया जा सकता है सिर्फ मेट्रो यात्रा के लिए उपयोग होता है जो कार्ड उस यात्री को दिया गया, वह NCMC कार्ड था। इसी के लिए मोबाइल नंबर और ओटीपी जरूरी होता है। इस कार्ड की खास बातें मोबाइल नंबर से लिंक होता है ओटीपी वेरिफिकेशन जरूरी एक मोबाइल नंबर पर सिर्फ एक ही NCMC कार्ड जारी होता है, यह सिर्फ मेट्रो नहीं, बल्कि कई जगहों पर इस्तेमाल होता है।





