नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भाजपा नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सवाल उठाया कि जब आतिशी का वॉइस सैंपल नहीं लिया गया, तो वीडियो की फॉरेंसिक जांच कैसे पूरी हुई। इस वीडियो को लेकर पंजाब की अदालत ने क्लीनचिट दी थी और वीडियो को फर्जी ठहराते हुए सोशल मीडिया से हटाने का आदेश भी दिया था।
इस मामले में वॉइस सैंपल की कोई जरूरत नहीं थी-सौरभ भारद्वाज
इस सवाल पर आप पार्टी ने कड़ा जवाब दिया है। पार्टी के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि इस मामले में वॉइस सैंपल की कोई जरूरत नहीं थी, क्योंकि वीडियो में विवादित शब्द गुरु का इस्तेमाल ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा,सिरसा जी कह रहे थे कि आतिशी का वॉइस सैंपल लिया ही नहीं गया। लेकिन इसकी जरूरत क्या है? वीडियो में ‘गुरु’ शब्द है ही नहीं। इसके लिए वॉइस सैंपल नहीं बल्कि सिर्फ कान चाहिए। जो भी इसे सुनेगा, समझ जाएगा। सिरसा जी भी ध्यान से सुनेंगे तो उन्हें भी सुनाई दे जाएगा।
”जांच की प्रक्रिया में अनियमितता की गई”
सौरभ भारद्वाज ने प्रिवलेज कमिटी के लेटर के मीडिया तक लीक होने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि यह पत्र उनके दफ्तर से लीक हुआ है तो कार्रवाई होनी चाहिए। उनका आरोप था कि यह पूरी प्रक्रिया मीडिया को दिखाने के लिए की जा रही है, न कि प्रिवलेज कमिटी की कार्यवाही के उद्देश्य से।
इस विवाद की पृष्ठभूमि यह है कि भाजपा ने पंजाब की अदालत द्वारा दी गई क्लीनचिट और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर सवाल उठाए। भाजपा का आरोप है कि आप पार्टी अपने झूठ को छुपाने के लिए पंजाब पुलिस का इस्तेमाल कर रही है और जांच की प्रक्रिया में अनियमितता की गई।
”पंजाब पुलिस इस मामले में उनके झूठ को छुपाने का काम कर रही है”
मनजिंदर सिंह सिरसा का आरोप है कि आतिशी ने गुरुओं का अपमान किया, लेकिन पंजाब पुलिस इस मामले में उनके झूठ को छुपाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आप पार्टी का जन्म ही झूठ के आधार पर हुआ है और आतिशी के झूठ को छिपाने के लिए और बड़ा झूठ बोला जा रहा है। सिरसा ने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस ने बिना आडियो सैंपल के ही फॉरेंसिक जांच कर दी, जबकि दिल्ली में उनके एक अधिकारी की ऑडियो जांच इसी आधार पर रोकी गई थी।
”AAP झूठ को छिपाने पुलिस अधिकारियों का इस्तेमाल कर रही है”
इस विवाद ने विधानसभा में राजनीतिक घमासान को और तेज कर दिया है। AAP का कहना है कि वीडियो में विवादित शब्द मौजूद नहीं हैं और जांच पूरी तरह से वैध है। वहीं भाजपा लगातार जांच की वैधता पर सवाल उठा रही है और आरोप लगा रही है कि आप पार्टी झूठ को छिपाने के लिए सरकारी और पुलिस अधिकारियों का इस्तेमाल कर रही है





