नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । ठंड के शुरुआत के साथ राजधानी दिल्ली की हवा फिर से ज़हरीली हो गई है, राजधानी में प्रदूषण के स्तर में भी इजाफा हुआ है। बुधवार के मुकाबले गुरुवार को औसत AQI में 80 अंक का उछाल देखा गया, जिससे वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” श्रेणी में पहुंच गई है। ऐसे में अब वायु गुणवत्ता में गिरावट और सांस लेने में मुश्किलें बढ़ने लगी हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 352 पर पहुँच गया है, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। यह स्तर 29 अक्टूबर के औसत से लगभग 80 अंक अधिक है, जो दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
राजधानी में गुरुवार सुबह से ही मोटी धुंध छाई हुई है। हवा में धूल और धुआं इस कदर घुल चुका है कि लोगों को आंखों में जलन हो रही है और सांस लेने में कठिनाई महसूस हो रही है।
अचानक बढ़ोतरी के पीछे कई कारण
एक्सपर्ट के मुताबिक, इस अचानक बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं। ठंडी और स्थिर हवाएं, औद्योगिक उत्सर्जन और वाहनों से निकलता धुआं। रात के समय हवा की गति बहुत धीमी होने के कारण प्रदूषक कण ऊपर नहीं उठ पाते और शहर में जमा हो जाते हैं, जिससे सुबह के वक्त प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा होता है।
गुरुवार सुबह आनंद विहार में स्थिति सबसे गंभीर रही, जहाँ AQI 409 तक पहुँच गया। ओखला फेज-2 में 353, नेरू नगर में 368, नोएडा सेक्टर 125 में 409 और नोएडा सेक्टर 1 में 362 तक AQI दर्ज किया गया।
दिल्ली-NCR की हवा पर भी असर
दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” श्रेणी में पहुंच गई है। इस प्रदूषण का असर पूरे एनसीआर क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए सरकार के कदम
दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नियंत्रण के उपाय तेज कर दिए हैं। सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है और वाहनों की जांच जैसे कदम उठाए गए हैं ताकि वायु गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
सरकार ने लोगों को लेकर चिंता जताई है। सरकार ने लोगों को मास्क पहनने और केवल ज़रूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। स्कूलों में भी प्रदूषण अलर्ट जारी कर सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।





