नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । राजधानी दिल्ली में मानसून जैसे थम सा गया है और गर्मी ने दोबारा से दस्तक दे दी है। सोमवार को राजधानी में चटक धूप के चलते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, सफदरजंग वेधशाला में सोमवार को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम था।
दिल्ली के अधिकांश इलाकों में सोमवार सुबह से ही तेज धूप रही, जो दोपहर तक और तीखी होती चली गई। इसके चलते लोगों को पसीने-पसीने होना पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले चार से पांच दिनों तक राजधानी में तेज बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में दिन के तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है और उमस से राहत मिलना फिलहाल मुश्किल है।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने दी थोड़ी राहत
दिल्ली की ओर अब मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी दिशा से हवाएं आ रही हैं। इन हवाओं में नमी की मात्रा बेहद कम है, जिसके चलते उमस में कुछ हद तक कमी दर्ज की गई है। मौसम में भले ही गर्मी बनी हुई है, लेकिन नमी की कमी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर महसूस हो रही है।
गर्मी और उमस से दिल्ली में बिजली खपत में 67% तक उछाल
गर्मी और उमस का सीधा असर दिल्ली की बिजली खपत पर पड़ रहा है। विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी में गर्मी और बढ़ती नमी के कारण बिजली की मांग में 67% तक की वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च से मई के बीच यानी मानसून पूर्व सीजन में दिल्ली का हीट इंडेक्स सामान्य रूप से 31-32 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहा और बिजली की मांग स्थिर बनी रही। लेकिन जून से अगस्त के बीच जब नमी के स्तर में तेज बढ़ोतरी हुई, तो हीट इंडेक्स भी छलांग लगाकर 46 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया।
इस बढ़ी हुई उमस और तापमान ने वातानुकूलन (AC) और कूलिंग डिवाइसेज की आवश्यकता को काफी बढ़ा दिया, जिससे बिजली की खपत में अप्रत्याशित इजाफा देखने को मिला। रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि यह बदलाव केवल तापमान की वजह से नहीं, बल्कि गर्मी के साथ बढ़ी नमी के कारण हुआ, जिसने गर्मी का अहसास कई गुना बढ़ा दिया।





