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Thursday, March 12, 2026
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स्टूडेंट पॉलिटिक्स में छाई अदिति मिश्रा, बनी JNUSU की नई प्रेसिडेंट, जानें उनका सियासी सफर

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से अपने सियासी सफर की शुरुआत करने वाली अदिति मिश्रा ने दिल्ली की प्रतिष्ठित जेएनयू में कदम रखा और वहां छात्र राजनीति में अपनी पहचान बनाते हुए अध्यक्ष पद तक का सफर तय किया।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव (JNUSU) में लेफ्ट संगठनों ने धमाकेदार जीत दर्ज की है। प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, जनरल सेक्रेटरी और ज्वाइंट सेक्रेटरी के सभी चार प्रमुख पदों पर लेफ्ट उम्मीदवारों ने कब्जा किया, जिससे छात्र राजनीति में उनका दबदबा और मजबूत हुआ है।

जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव में 4 नवंबर को हुई वोटिंग में AISA की अदिति मिश्रा ने प्रेसिडेंट का पद जीता। उन्होंने ABVP के विकास पटेल को 414 वोटों के अंतर से हराते हुए छात्र राजनीति में अपनी ताकत का परिचय दिया।

JNUSU में AISA की अदिति मिश्रा ने 1,861 वोटों के साथ जीत हासिल की, जबकि ABVP के विकास पटेल 1,447 वोट ही पा सके। गंगा तट की अदिति ने दिल्ली में आकर छात्र राजनीति में अपनी छाप छोड़ी और यमुना के किनारे इस जीत का जश्न मनाया।

BHU में भी सक्रिय रही अदिति मिश्रा 

वाराणसी की रहने वाली अदिति मिश्रा ने यूपी में ही अपनी स्कूलिंग पूरी की। ग्रेजुएशन के दौरान, सितंबर 2017 में, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के हॉस्टल की छात्राओं द्वारा कर्फ्यू टाइमिंग के विरोध में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें छात्र राजनीति में शुरुआती पहचान दिलाई।

वाइस चांसलर के दफ्तर का घेराव 

अदिति मिश्रा ने अलोकतांत्रिक और पितृसत्तात्मक व्यवस्थाओं के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई। 2018 में पुडुचेरी यूनिवर्सिटी में दाखिले के दौरान उन्होंने कथित भगवाकरण का विरोध किया और वाइस चांसलर के दफ्तर का घेराव कर छात्र अधिकारों के लिए संघर्ष की अपनी छवि बनाई।

छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका 

2019 में पुडुचेरी यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस में भारी बढ़ोतरी के विरोध में छात्र एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक को बंद कर दिया। अदिति मिश्रा ने मनमानी फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया और एंटी-सीएए विरोध प्रदर्शनों के साथ भी एकजुटता दिखाई, छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई।

फीस बढ़ोतरी विरोधी प्रदर्शन में अदिति मिश्रा की आवाज हाशिए पर रहने वाले छात्रों के अधिकारों के संरक्षण के लिए जोरदार रूप से गूंजी, जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता और छात्र राजनीति में प्रभावी भूमिका और स्पष्ट हुई।

ऐसा रहा है प्रेसिडेंट पद तक का सफर?

पीएचडी के दूसरे वर्ष में अदिति मिश्रा को जेएनयू की स्टूडेंट बॉडी में इंटरनल कमिटी का प्रतिनिधि चुना गया। उन्होंने कमिटी को छात्रों के प्रति जवाबदेह बनाया और सक्रिय नेतृत्व दिखाया, जिससे वे स्टूडेंट्स के बीच और अधिक लोकप्रिय और प्रभावशाली होती गईं।

इस साल JNUSU चुनाव में अदिति मिश्रा ने लेफ्ट यूनिटी पैनल से AISA एक्टिविस्ट के रूप में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वह अपनी राजनीति को जेंडर जस्टिस के लिए प्रतिबद्ध मानती हैं, और छात्र राजनीति में समानता और अधिकारों के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

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