आरा,21 फरवरी(हि.स.)। राज्य सरकार द्वारा आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के नूतन परिसर की 25 एकड़ भूमि को मेडिकल कॉलेज के लिए हस्तांतरित किये जाने और अंचल कार्यालय द्वारा इस भूमि की दाखिल खारिज कराए जाने का बिहार राज्य विवि शिक्षक महासंघ (फुटाब) के अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा ने विरोध दर्ज किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की भूमि को जिस तरह मेडिकल कॉलेज के नाम पर हस्तांतरित किया गया है उससे पुरा जनपद स्तब्ध है ।मेडिकल कॉलेज स्थापित हो इसका विरोध कोई नहीं कर सकता है लेकिन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय जो केवल एक संस्था नहीं बल्कि भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी , प्रातः स्मरणीय, बाबू कुंवर सिंह का स्मारक है और उसकी भूमि चुपचाप स्थानांतरण कर दिया जाना स्मारक को छत विक्षत किए जाने के समान है। उन्होंने कहा कि अमर सेनानी के प्रति ऐसा अपमान कल्पना से परे है। जब हम याद करते हैं उन दिनों को जब विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पुरे शाहाबाद ने लंबे समय तक संघर्ष किया। वर्तमान सरकार एवं उसके प्रतिनिधियों से ऐसी अपेक्षा नहीं थी। अंग्रेजों के कारण बाबू साहब को अपनी एक भुजा काटनी पड़ी थी, लगता है आज हमने उनकी दूसरी भुजा भी काट दी। उन्होंने कहा कि ठीक हीं चर्चित रामजी सिंह मुखिया कहा करते थे – अच्छा भइल जे ए बाबू तू मर गईल ना त गोरा से तो ना पकड़यल करिया से पकड़ईत। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ जमीन हस्तांतरण करके आज लगभग कुछ ऐसा हीं हो रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र




