सहरसा,28 मई(हि.स.)।शहर के विद्यापति नगर के पूर्वी भाग वार्ड नंबर 16 एवं मानस नगर के पश्चिम भाग वार्ड नंबर 32 सहरसा मधेपुरा रेलवे लाइन के बगल में आवासीय मुहल्ले वासियों का जीवन नारकीय हो गया है। मोहल्ले में गंदगी एवं बदबूदार पानी फैलने के कारण मुहल्ले वासी महामारी फैलने की आशंका से सहमे हुए हैं। जिसका मुख्य कारण विगत 2 वर्षों से नगर परिषद द्वारा गंगजला एवं मानस नगर के जल निकासी नाला की खुदाई कर इसी भाग में लाकर छोड़ देने का कारण हुआ है।उस से प्रस्तावित जगह निकालने हेतु कोई स्थाई समाधान अभी तक नहीं किया जा सका है। विभाग के लोगों द्वारा बरसाती पानी के साथ-साथ मल मूत्र त्याग किया पानी का बहाव इसी नाला में अनवरत सालों भर से बहाव किया जाता है। जिससे अस्थाई रूप से गंदा पानी का जलजमाव बना रहता है। जिसके दुर्गंध से यहां का वातावरण सालों भर बिल्कुल नारकीय हो गया है। ज्ञात हो कि बिहार सरकार की महत्वपूर्ण संस्था एवं आवासीय शिविर भी इसी प्रभावित भाग में अवस्थित है। जिसमें इंजीनियरिंग कॉलेज पॉलिटेक्निक कॉलेज विद्यालय एवं विवाह भवन शामिल हैं। विगत दो वर्षों से मीडिया के माध्यम से स्थानीय प्रभावित लोगों द्वारा कई बार जिला प्रशासन को सूचित किया जाता रहा है।परंतु स्थायी निदान के लिये अभी तक बिल्कुल ही ध्यान नहीं दिया गया है।यास तुफान होने से पूर्व स्तर में काफी वृद्धि होने के कारण पूरा मोहल्ला जलमग्न हो गया है। बगल के आवासीय घर में पानी घुस गया है और रास्ता पर भी पानी का जमाव हो जाने के कारण लोगों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है। जिसे देखा जा सकता है। मोहल्ले वासियों में ई रामेश्वर ठाकुर, निशिकांत झा, राजकुमार सिंह, मिथिलेश कुमार, संजय पासवान,शिवम कुमार, विमल कुमार ठाकुर, अभिषेक आनंद,मुकेश कुमार, पंकज कुमार,विक्रम कुमार दास, बीके सिंह,मनोज कुमार,सतीश चंद्र वर्मा, भूपेंद्र प्रियदर्शी सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर जमा गंदे पानी को बहाव के लिए लिंक नाला खुदाई के साथ-साथ मोटर से पानी निकालकर निकासी करने की व्यवस्था करने की मांग की है। ताकि यहां प्रभावित लोगों को संभावित रोगों से भयाक्रांत ना होना पड़े। हिन्दुस्थान समाचार/अजय




