सहरसा,15 मई (हि.स.)। राज्यव्यापी लॉकडाउन के दसवें दिन शनिवार को भी सुबह में जहां बाजारों में अन्य दिनों की तरह भीड़ लगी रही।वहीं दिन के 10 बजते ही बाजारे बंद हो गई एवं लोगों की आवाजाही भी कम हो गई। हालांकि सड़कों पर छोटे-बड़े वाहन बेधड़क दौड़ते रहे। लॉकडाउन गाइडलाइन के अनुरूप सुबह 6 बजे जैसे ही बाजार खुलते ही शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आवाजाही बड़ी संख्या में होनी शुरू हो गई। बंगाली बाजार स्थित सब्जी मंडी से लेकर बाजारों में खुले आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ जुट गई।जो दिन के 10 बजे तक जारी रहा। निर्धारित समय पर पुलिस प्रशासन के पहुंचते ही एक बारगी दुकानें बंद होने लगी एवं लोग अपने अपने घरों की ओर लौटने लगे। इस दौरान ना तो कहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ। ना ही लोगों में किसी तरह का संक्रमण का भय देखा गया। निर्धारित समय पर बड़ी संख्या में शंकर चौक पर पुलिस वालों की पहुंचने के बाद लोगों की भीड़ खाली हुई। यही हाल शहर के सभी मुख्य चौक चौराहे पर का रहा। निर्धारित समय पर जैसे ही पुलिस बल पहुंची आवश्यक वस्तुओं की खुली दुकानें एवं सब्जी दुकान बंद होने शुरू ही गये। राज्यव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवा से जुड़े वाहन, सरकारी कार्यालयों के वाहन एवं उनके कर्मियों के निजी वाहन, सहित ई पास प्राप्त निजी वाहन व सभी प्रकार के मालवाहक वाहन को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है।लेकिन इसका पालन शहरी क्षेत्र में कहीं नहीं दिख रहा है। निजी दो चक्के एवं चार चक्के वाहन अन्य दिनों की भांति सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे हैं। इनमें लॉकडाउन का कोई भय नहीं दिख रहा है। इसके साथ ही ई-रिक्शा एवं अन्य प्रकार के वाहन भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जबकि जिला प्रशासन द्वारा राज्यव्यापी लॉकडाउन के निर्देश के आलोक में पूरी तरह इन पर प्रतिबंध लगाया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/अजय




