रोहिणी आचार्य ने परिवार और अपनों के भीतर चल रहे षड्यंत्र और अहंकार को उजागर करते हुए फेसबुक पोस्ट में अपना दर्द बयां किया और कहा कि कभी-कभी अपनों द्वारा विरासत और पहचान को नुकसान पहुंचाया जाता है।