नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति के बाहुबली नेता और मोकामा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनंत सिंह को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पटना सिविल कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड के आरोपी अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी हैकोर्ट के इस आदेश के बाद अनंत सिंह की जेल से बाहर आने की उम्मीदें फिलहाल खत्म हो गई हैं और उन्हें अभी बेऊर जेल में ही रहना पड़ेगा। उनके वकील अब इस फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
पटना सिविल कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज की। उन्होंने जेल में रहते हुए ही मोकामा विधानसभा का चुनाव जीता। वह तीन दशक से बिहार की राजनीति में सक्रिय बाहुबली नेता। उनके वकील अब पटना हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी में है।
हत्या का मामला और गिरफ्तारी
अनंत सिंह पर हत्या का आरोप बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान लगा था। उन पर 30 अक्टूबर को जनसुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या का आरोप है। आरोपों के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को चुनाव के बीच से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसके बाद से वह लगातार जेल में बंद हैं।
जेल में रहते हुए भी जीते चुनाव
अनंत सिंह पर हत्या का आरोप लगने और जेल जाने के बावजूद मोकामा विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया और वह भारी अंतर से चुनाव जीत गए।
जेल में रहते हुए ही अनंत सिंह ने चुनाव लड़ा। उनके समर्थकों और परिवार वालों ने चुनाव प्रचार संभाला। चुनाव परिणामों में अनंत सिंह ने अपने खिलाफ चुनाव लड़ रही आरजेडी की वीणा देवी को 28 हजार से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की।चुनाव जीतने के बाद अनंत सिंह ने राहत पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सिविल कोर्ट से उनकी याचिका खारिज हो गई है।





