बेतिया, 27 जून (हि.स.)। सिकटा-मैनाटांड के विधायक वीरेंद्र गुप्ता से रविवार को इंडो-नेपाल सीमा पर बसे भिखना ठोरी गांव के ग्रामीणों ने भिखना ठोरी गांव को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों द्वारा सीपीआईएमएल के विधायक वीरेंद्र गुप्ता से भिखना ठोरी गांव का सर्वे करा कर गांव को राजस्व गांव बनाये जाने की मांग की । ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुखिया दयानंद साहनी, पुन्ना सिंह, मोती पासवान आदि ने कहा कि भिखना ठोरी में यहां के नागरिकों के 1907 में गेस्ट हाउस , 1917 में रेलवे स्टेशन , 1918 में पक्की सड़क, डाक घर, उत्तक्रमित्त मध्य विद्यालय भिखना ठोरी, आंगन बाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्र, धमौरा पंचायत का वार्ड नम्बर 01 यात्री प्रतीक्षालय, घर- शौचालय, हर घर नल का जल, हर घर सोलर बिजली, जन वितरण प्रणाली का दुकान, लोगो को शुद्ध पेय जल के लिए 3 सोलर बोरिंग व टँकी, चुनाव हेतु बूथ संख्या 213, भिखना ठोरी गांव में 3 चबूतरा, 2 पुलिया, गांव को बाढ़ से बचाव हेतु बड़े पैमाने पर कटाव रोधी कार्य, ग्रामीणों को जॉब कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आई कार्ड, राशन कार्ड दिया गया है। गांव के लोगो को वृद्धा पेंशन तथा विधवा पेंशन भी मिलता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कितनी बड़ी विडंबना है कि सरकार द्वारा इस गांव को इतनी सुविधा देने के बावजूद भी भिखना ठोरी गांव अनसर्वे गांव बना हुआ है, जिससे गांव के लोग इंदिरा आवास सहित अन्य सुविधाओं से वंचित है। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि भाकपा माले भिखना ठोरी के मामले को सदन में उठाएगी तथा गांव को राजस्व गांव बनाने की लड़ाई भी लड़ेगी। हिन्दुस्थान समाचार / अमानुल हक/चंदा




