नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार की राजधानी पटना से दुखद खबर सामने आई है। अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य और पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल का निधन हो गया है। किशोर कुणाल का निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ है। किशोर कुणाल को रविवार सुबह कार्डियक अरेस्ट हुआ और उन्हें महावीर वत्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। आचार्य किशोर कुणाल महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव थे।
आचार्य कुणाल के परिवार के सदस्यों ने बताया कि सुबह दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। आचार्य किशोर कुणाल ने 74 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर अस्पताल से उनके आवास पर लाया गया है, यहां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई हस्तियां मौजूद रहीं। कई लोगों की आंखें नम दिखीं। किशोर कुणाल बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी के भी करीबी दोस्त थे। उनके निधन से अशोक चौधरी भी काफी दुखी हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया शोक
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व आईपीएस अधिकारी और महावीर मंदिर न्यास समिति के संस्थापक सचिव आचार्य किशोर कुणाल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आचार्य कुणाल के निधन से प्रशासनिक, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में बड़ी क्षति हुई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शोक व्यक्त करते हुए कुणाल के निधन को “समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति” बताया। चौधरी ने कहा, “उन्होंने महावीर मंदिर को राष्ट्रीय पहचान दिलाई और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अभूतपूर्व काम किया। उनके योगदान को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।” उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा, “मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।”
गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी बने
किशोर कुणाल का जन्म 10 अगस्त 1950 को हुआ था। किशोर कुणाल ने अपनी स्कूली शिक्षा मुजफ्फरपुर जिले के बरूराज गांव से की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास और संस्कृत में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बाद में किशोर कुणाल गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी बने। वह पटना में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर भी तैनात थे। किशोर कुणाल गृह मंत्रालय में भी कार्यरत रहे। 1972 में कुणाल गुजरात कैडर में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी बन गये। उनकी पहली पोस्टिंग आणंद में पुलिस अधीक्षक के रूप में हुई। 1978 तक, वह अहमदाबाद के पुलिस उपायुक्त बन गये थे।
अनुकरणीय सेवा के लिए जाने जाते थे
किशोर कुणाल अपनी अनुकरणीय सेवा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड (BSBRT) के प्रमुख के रूप में कार्य किया और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव के रूप में कुणाल ने बिहार में अस्पतालों और अन्य कल्याणकारी पहलों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वंचितों के लिए उनके काम ने उन्हें व्यापक सम्मान और मान्यता दिलाई। कुणाल के निधन से समर्पित जनसेवा के एक युग का अंत हो गया है। महावीर मंदिर ट्रस्ट की पहुंच बढ़ाने में उनके प्रयास और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता एक ऐसी विरासत है जिसे आने वाले वर्षों में याद किया जाएगा।





