नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां चल रही हैं। जनवरी 2025 में प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन होने जा रहा है। 45 दिनों तक चलने वाला महाकुंभ हिंदुओं के लिए बहुत मायने रखता है। जानकारी के मुताबिक इस बार महाकुंभ में देश-विदेश से 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे। जिसमें कि प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहली बार टेंट कैंप के साथ डोम सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
प्रत्येक गुंबद के नीचे चार लकड़ी के कॉटेज बनाए जाएंगे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाकुंभ 2025 क्षेत्र में मौजूदा रेल क्षेत्र में डोम सिटी की व्यवस्था की गई है। शहर में 22 बड़ी संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें जमीन से लगभग 15 फीट ऊपर फाइबर शीट से बने गुंबद हैं। डोम सिटी में लगभग 84 गुंबद और 175 लकड़ी के कॉटेज एक साथ बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक गुंबद के नीचे चार लकड़ी के कॉटेज बनाए जाएंगे।
डोम सिटी की मुख्य विशेषताएं
प्रत्येक गुंबद में एक बड़ा कमरा है, जिसका उपयोग शयनकक्ष और ड्राइंग रूम दोनों के रूप में किया जा सकता है। ये गुंबद बुलेट प्रूफ हैं, जो चारों तरफ से रंग-बिरंगे पर्दों से ढके हुए हैं। गुंबद के पर्दे रिमोट से खुलते और बंद होते हैं। प्रत्येक गुंबद में एक संलग्न शौचालय और स्नानघर भी है। इसके अलावा प्रत्येक गुंबद के बाहर एक खुली जगह है, जहां आसानी से बैठने के लिए कुर्सियां और मेजें रखी जा सकती हैं। इस खुले स्थान से मां गंगा के दर्शन भी किये जा सकते हैं।
योग करने के लिए अलग से जगह भी बनाई गई है
डोम सिटी में एक बड़ी यज्ञशाला और मंदिर भी बनाया जाएगा, जहां नियमित रूप से आरती की जाएगी। डोम सिटी में हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसकी तैयारी जोरों पर चल रही है। इसके अलावा डोम सिटी में योग करने के लिए अलग से जगह भी बनाई गई है।
नाश्ता और दोपहर का भोजन भी शामिल
बता दें कि गुंबद के अंदरूनी हिस्से को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है। डोम सिटी में स्नान पर्व और उसके एक दिन पहले और अगले दिन का किराया करीब 1 लाख 11 हजार रुपये है, जबकि अन्य दिनों में गुंबद में एक रात रुकने के लिए 81 हजार रुपये चुकाने होंगे। सामान्य दिनों में लकड़ी की कुटिया में रहने के लिए 41 हजार रुपये चुकाने हैं। जबकि स्नान पर्व और महापर्व पर किराया 61 हजार रुपये तय किया गया है। इस राशि में नाश्ता और दोपहर के भोजन की व्यवस्था भी शामिल है।





