नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए आज से बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। नए नियम के तहत अब बिजली का बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि उपभोक्ता दिन के किस समय बिजली का उपयोग करते हैं। इस व्यवस्था को टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ के नाम से लागू किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ सकता है।
क्या है नया सिस्टम?
नई व्यवस्था के तहत दिन को तीन हिस्सों में बांटा गया है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय ऑफ-पीक आवर माना गया है, जिसमें बिजली इस्तेमाल करने पर उपभोक्ताओं को करीब 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। वहीं शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक का समय पीक आवर तय किया गया है, इस दौरान बिजली इस्तेमाल करने पर सामान्य दर से लगभग 10 प्रतिशत ज्यादा भुगतान करना होगा। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक बिजली सामान्य दर पर ही मिलेगी। यह नया नियम राज्य के करीब 87 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर लागू होगा। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) की मंजूरी के बाद इस व्यवस्था को लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद पीक समय में बिजली की खपत को कम करना और बिजली आपूर्ति को संतुलित बनाए रखना है।
बिल का नया कैलकुलेशन कैसे होगा
अब बिजली बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने किस समय ज्यादा बिजली इस्तेमाल की। अगर आप शाम के पीक समय में ज्यादा बिजली चलाते हैं, तो आपका बिल बढ़ सकता है। वहीं, दिन के समय बिजली इस्तेमाल करने पर आपको राहत मिलेगी। इसके अलावा सरकार ने घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के कुछ स्लैब को एकीकृत भी किया है, जिससे कई उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 0.42 से 1.53 रुपये तक की राहत मिल सकती है। हालांकि, अगर उपभोक्ता शाम के समय ज्यादा बिजली का उपयोग करते हैं, तो उनका मासिक बिल पहले से ज्यादा आ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को अब अपनी बिजली खपत का समय समझदारी से तय करना होगा। वॉशिंग मशीन, गीजर, पानी की मोटर जैसे भारी उपकरण दिन के समय चलाने से बिल में बचत की जा सकती है। , बिहार में लागू हुआ यह नया नियम उपभोक्ताओं के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है। सही समय पर बिजली का इस्तेमाल करने से जहां खर्च कम किया जा सकता है, वहीं लापरवाही से बिल बढ़ भी सकता है।




