back to top
21.1 C
New Delhi
Wednesday, March 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

सूरज की ओर बढ़ चले कदम, क्या है एल-1 प्वाइंट जहां से आदित्य करेगा सूर्य की स्टडी? आखिर कैसे झेलेगा इतनी गर्मी?

Aditya-L1 Mission: अंतरिक्ष की अचंभित करने वाली दुनिया की स्टडी में भारत एक और कड़ी जोड़ने जा रहा है। भारत का आदित्य एल-1 मिशन शनिवार को सुबह 11:50 मिनट पर लॉन्च हुआ।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अंतरिक्ष की अचंभित करने वाली दुनिया की स्टडी में भारत एक और कड़ी जोड़ने जा रहा है। भारत का आदित्य एल-1 मिशन शनिवार को सुबह 11:50 मिनट पर लॉन्च हुआ। चंद्रयान-3 की सफलता ने भारत में अंतरिक्ष मिशन की जारूरतों और उसके हौसले को बढ़ा दिया हैं। इसलिए अब भारत के कदम सूरज की तरफ बढ़ चले हैं। सूरज की गर्मी की बात करें तो यह दहकता हुआ आग का ऐसा गोला है जो किसी भी वस्तु का अपने करीब आने पर ही पिछला कर राख कर देता है। ऐसे में यह सवाल आपके मन में उठना लाजमी है कि आखिरी कैसे हमारा आदित्य इतनी गर्मी झेलेगा, कही यह पिघल तो नहीं जाएगा।

आदित्य एल-1 कैसे करेगा अपना काम?

आदित्य एल-1 भारत का पहला सौर मिशन है जो आंध्र प्रदेश में स्थित श्रीहरिकोटा से रवाना हुआ है। यह सूर्य के पास जाकर उसके बारे में स्टडी करेगा। चंद्रयान-3 को जिस तरह से चांद की सतह पर लॉन्च किया गया। तो अब लोगों के मन में यह खयाल आ रहा है कि क्या आदित्य एल1 सूर्य की सतह पर जाकर स्टडी करेगा? अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि ऐसा नहीं है। यह सूर्य के करीब जाकर उसकी स्टडी करेगा। अब आप अगर सोच रहे हैं कि आखिर यह कितनी नजदीक जाकर इसकी स्टडी करेगा तो आइए यह भी विस्तार से जानते हैं। सूर्य और पृथ्वी के बीच पांच लैंगरेज प्वाइंट होते हैं। लैंगरेज प्वाइंट वह बिंदु होते हैं जहां से सूर्य और पृथ्वी के बीच गुरुत्वाकषण बल बैलेंस हो जाता है। इसके कारण यहां पर किसी भी चीज को आसानी से ऐसी अवस्था में रख सकते हैं जो आसानी से स्थिर रह सकता है। इस प्वाइंट पर सूर्य की गर्मी का बहुत ज्यादा असर नहीं होगा हालांकि धरती की तुलना में यहां पर ज्यादा होगा। उससे बचने के लिए स्पेसक्राफ्ट को कार्बन और हीटप्रूव तरीके से डिजाइन किया गया है।

कैसे पड़ा लैंगरेज प्वाइंट का नाम

पृथ्वी और सूर्य के बीच लैगरेंज पॉइंट का नाम इतालवी-फ्रेंच मैथमैटीशियन जोसेफी-लुई लैगरेंज के नाम पर रखा गया है। इसे आमलोग अपनी बोलचाल की भाषा में एल-1 (L1) कहते हैं। सूर्य और धरती के बीच ऐसे पांच प्वाइंट हैं। यहां सूरज और पृथ्वी के बीच गुरुत्वाकर्षण बल बैलेंस होकर सेंट्रिफ्यूगल फोर्स बनाती है। पहला लैंगरेंज प्वाइंट धरती और सूर्य के बीच 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर है।

क्या है लैंगरेज प्वाइंट के फायदे

  • सूर्य को बिना किसी ग्रहण और रुकावट के देखा जा सकता है।

  • यहां से बिना किसी रुकावट के काम कर सकते हैं।

  • कोई भी आब्जेक्ट यहां पर स्थिर रहेगा।

  • गुरुत्वाकर्षण बल के कारण यहां पर स्पेसक्राफ्ट के इंधन की बचत होती है।

  • यहां पर वायु मंडल नहीं रहने के कारण स्पेसक्राफ्ट बिना किसी प्रकार की बाधा के काम करेगा।

Advertisementspot_img

Also Read:

ISRO का ‘बाहुबली’ रॉकेट लॉन्च! क्यों पड़ा यह नाम? SS राजामौली ने बताया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार को अपने एक ऐतिहासिक मिशन के तहत भारत की धरती से अब तक के सबसे...
spot_img

Latest Stories

कुछ देशों में होली पर रंग खेलने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, जानिए कौन से हैं वो देश?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में होली सिर्फ एक त्योहार...

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण और होली का संयोग, जानें सूतक में किन कार्यों से रहें दूर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फाल्गुन पूर्णिमा पर जहां एक ओर...

Skin Care Tips: ऑयली और डल स्किन से छुटकारा, समर में ऐसे रखें चेहरा फ्रेश और जवान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जैसे ही तापमान चढ़ता है, त्वचा...

Vastu Tips: घर में शांति बनाए रखने के लिए ये वास्तु उपाय, बनने लगेंगे सारे काम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। जीवन में सुख समृद्धि अथवा...

Iran-Israel War का भारत पर क्या होगा असर, कैसे कच्चे तेल की कीमतों को करेगा प्रभावित?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को...