Aditya-L1 Mission: सौर मिशन आदित्य-एल1 लॉन्च, यहां देखें आदित्य-एल1 की लाइव लॉन्चिंग

Aditya-L1 Mission Launch: चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) भारत का पहला अंतरिक्ष-आधारित सौर मिशन आदित्य-एल1 को लॉन्च कर दिया है।
Aditya-L1
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) भारत का पहला अंतरिक्ष-आधारित सौर मिशन आदित्य-एल1 को लॉन्च कर दिया है। इसरो ने इस मिशन की तैयारी पूरी कर ली है। आज सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर आदित्य L1 स्पेसक्राफ्ट को PSLV-C57 रॉकेट के जरिए श्री श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च कर दिया गया। भारत के इस पहले सौर मिशन से इसरो सूर्य का अध्ययन करेगा। आदित्य-एल 1 को हैदराबाद के बीएम बिड़ला तारामंडल में लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

4 महीने बाद लैगरेंज पॉइंट-1 (L1) तक पहुंचेगा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर यह खुशखबरी साझा भी की थी। इस पोस्ट के अनुसार 'आदित्य एल-1' को शनिवार पूर्वाह्न 11 बजकर 50 मिनट पर प्रक्षेपित किया जाएगा। आदित्य L1 सूर्य की स्टडी करने वाला पहला भारतीय मिशन होगा। ये स्पेसक्राफ्ट लॉन्च होने के 4 महीने बाद लैगरेंज पॉइंट-1 (L1) तक पहुंचेगा। इसरो ने इस पॉइंट को चुनने के पिछे का कारण बताते हुए कहा कि इस स्थान पर ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ता, जिसके चलते यहां से सूरज की स्टडी आसानी से की जा सकती है। इस मिशन की अनुमानित लागत 378 करोड़ रुपए है।

इस मिशन को नियत स्थान पर पहुंचने में 125 दिन लगेंगे

इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने यहां मीडिया से कहा था- 'रॉकेट और सैटेलाइट तैयार हैं। हमने प्रक्षेपण के लिए अभ्यास पूरा कर लिया है। नियत स्थान पर पहुंचने में 125 दिन लगेंगे।' इसरो की वेबसाइट के मुताबिक आदित्य एल-1 अंतरिक्ष यान को सूर्य के परिमंडल के दूरस्थ अवलोकन और एल-1 (सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु) पर सौर हवा का वास्तविक अध्ययन करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। यह सूर्य के अध्ययन के लिए भारत का पहला समर्पित मिशन है।

इस मिशन से जलवायु परिवर्तन को समझने में मदद मिलेगी

भारत के इस मिशन पर दुनियाभर के वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि सौर मिशन आदित्य एल-1 के माध्यम से एकत्र किए गए आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद सूर्य के अतीत, वर्तमान और भविष्य के बारे में नई जानकारी मिल सकेगी। आने वाले दशकों और सदियों में पृथ्वी पर संभावित जलवायु परिवर्तन को समझने के लिए यह आंकड़े महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

यहां देखे लॉन्चिंग की लाइवस्ट्रीमिंग

आप इसरो के इस मिशन के लॉन्चिंग को लाइव देख सकते है। इसके लिए आपको इसरो की आधिकारिक वेबसाइट, यूट्यूब चैनल और फेसबुक अकाउंट पर जाना होगा। इसके साथ आप इस लाइवस्ट्रीमिंग को लाइवस्ट्रीमिंग भी देख सकते है। आपको यह लाइवस्ट्रीमिंग हमारे रफ्तार के यूट्यूब चैनल और फेसबुक अकाउंट भी देकने को मिल जएंगी। लाइवस्ट्रीमिंग 2 सितंबर को सुबह 11:20 बजे से शुरू हो जाएगी।

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