karba-prevention-of-deteriorating-health-and-making-covid-patients-healthy-goal-of-administration-collector
karba-prevention-of-deteriorating-health-and-making-covid-patients-healthy-goal-of-administration-collector

काेरबा : तबियत बिगड़ने से रोकना और कोविड मरीजों को स्वस्थ करना प्रशासन का लक्ष्य : कलेक्टर

शहरवासियों से की अपील-प्रशासन का करें सहयोग, जल्द मिलेगी कोरोना के खिलाफ जीत कोरबा, 30 अप्रैल (हि स) । जिला कलेक्टर व दंडाधिकारी किरण कौशल ने शुक्रवार को कटघोरा तहसील परिसर में बनाये गए नियंत्रण कक्ष का जायजा लिया। यहां उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों से भेंट करते हुए उनके विभागीय कामकाज की भी समीक्षा की। इस मौके पर जिलाधिकारी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कोविड उन्मूलन से जुड़े सवालों का जवाब दिया। साथ ही कोरोना के खिलाफ शासन और प्रशासन की रणनीतियों को सामने रखा। जिलाधीश ने बताया कि वे शीर्ष अफसरों के साथ जिले भर का दौरा कर रही हैं। वे अफसर और मरीजों से सीधा संवाद करते हुए स्थिति को समझने का प्रयास कर रही हैं। इसी सिलसिले में वे आज कटघोरा पहुंचीं। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन का सबसे पहला प्रयास लोगों को इस महामारी के बीच सुरक्षित रखना है। इसके लिए जरूरी है कि कोरोना संक्रमित मरीज को बीमारी के शुरुआती चरण में ही स्वस्थ किया जा सके, ताकि उसे अस्पताल भेजने की स्थिति ना आये। उन्होंने महसूस किया है कि अस्पताल दाखिले के बाद मरीजों की स्थिति अधिक बिगड़ रही है। पहले से किसी अन्य बीमारी से ग्रसित मरीजों की मौत की आशंका भी अधिक रहती है। इसके लिए डोर-टू-डोर सर्वे कर लक्षणरहित या शुरुआती लक्षणों वाले मरीजों की पहचान करना, उन्हें गृह एकांतवास करना अथवा अस्पताल पहुंचकर उपचार शुरू करना प्राथमिकताओ में है। आज गृह एकांतवास से सम्बंधित चर्चा में भी अफसरों को इस दिशा में प्रयास के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टर ने बताया कि इनके अलावा उनकी प्राथमिकताओं में जिले भर में लागू लॉकडाउन को प्रभावी ढंग से लागू करना है। अलग अलग टीमें इसके लिए जुटी हुई है। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रो में कोविड केयर सेंटर के विस्तार के सवाल पर कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने पोंड़ी-उपरोड़ा में एकांतवास केंद्र स्थापित किया है। आपात स्थिति के लिए ऑक्सीजन की भी व्यवस्था की गई है। इसी तरह कटघोरा का सेंटर भी लगभग तैयार हो चुका है। जिला मुख्यालय के अस्पताल बेहतर ढंग से काम कर रहे है। ट्रॉमा सेंटर का भी अधिग्रहण कर लिया गया है जबकि ईएसआईसी में सर्वसुविधायुक्त बिस्तरों के साथ कोरोना मरीजो का उपचार जारी है। पिछले दिनों प्रशासन ने स्याहीमूड़ी के सीपेट में भी 150 से 200 तक बिस्तरों की संख्या बढ़ाई गई है। इसका सीधा फायदा पोंड़ी, कटघोरा और पाली रीजन के कोविड मरीजों को मिल सकेगा। जिले में हफ्ते भर के भीतर आरटी-पीसीआर लैब की शुरुआत सम्भव जिले में टेस्टिंग किट की कमी के सवाल पर कलेक्टर ने बताया कि जिले में टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने आरटी-पीसीआर लैब की स्थापना की जा चुकी है। यहां एचआर की ट्रेनिंग जारी है ट्रेनिग खत्म होते ही आने वाले एक हफ्ते या दस दिनों के भीतर लैब में काम शुरू हो जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

Related Stories

No stories found.