नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 6 नवंबर को अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ गए जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस को मात दे दी। डोनाल्ड ट्रंप 47वे राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। ट्रंप की जीत के बाद कई देशों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने उन्हें जीत की बधाई दी लेकिन रूस ने उन्हें हैरान कर दिया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से कहा गया कि हम ट्रंप को बधाई उनकी नीतियों को रखने के बाद ही देंगे। यह ट्रंप की उसे उम्मीद को झटका है जिसे वह कहते थे कि वह रूस और यूक्रेन का युद्ध रुकवा देंगे।
ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए भी यूक्रेन को हथियार सप्लाई करेगा अमेरिका?
चुनावी प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप कई मौकों पर यह कहते हुए नजर आएगी वह रूस यूक्रेन युद्ध को समाप्त करवा सकते हैं हालांकि इसके लिए उन्होंने कोई ब्लूप्रिंट नहीं दिया। इसमें दिलचस्प बात यह है कि जो बाइडन के कार्यकाल में अमेरिका यूक्रेन को सैन्य उपकरण उपलब्ध करा रहा था लेकिन क्या ट्रंप के कार्यकाल में यह संभव हो पाएगा? इसके अलावा एक दूसरा प्रश्न यह भी होता है कि रूस यूक्रेन युद्ध में अभी तक यूक्रेन की तरफ दिख रहा अमेरिका को रूसी राष्ट्रपति ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। ट्रंप की जीत के बाद क्रेमलिन ने यह जानकारी थी कि ट्रंप की नीतियां परखने के बाद ही रूस की ओर से उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए बधाई दी जाएगी।
अमेरिका की विदेश नीति पर होगी पैनी नजर
जो बाइडेन सरकार ने यूक्रेन को सैन्य उपकरण उपलब्ध कारण जिससे रूस-अमेरिका के बीच खाई बढ़ती चली गई। हालांकि अमेरिका में सरकार बदलने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति पर निगरानी इसलिए रखनी पड़ेगी क्योंकि रूस यूक्रेन युद्ध खत्म करने का दावा करने वाले ट्रंप कैसे युद्ध खत्म कर सकते हैं। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि फ्लोरिडा से अपनी विनिंग स्पीच के दौरान उन्होंने अमेरिका फर्स्ट का नारा दिया था तो ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप रूस यूक्रेन युद्ध के बीच उसे पक्ष में रहेंगे जिस पक्ष से अमेरिका को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा हो।




