back to top
23.1 C
New Delhi
Sunday, March 29, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

क्या अब तुर्किए पर हमले का मतलब अमेरिका पर हमला करना होगा? आखिर कैसे ताकतवर बन गया ये मुस्लिम देश

भारत, पाकिस्तान विवाद के बीच अब तुर्किए ने पाकिस्तान का साथ देकर भारत के पीठ में खंजर घोंपा है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । भारत और पाकिस्तान विवाद के बीच अब भारत को भी अच्छे से मालूम पड़ गया है कि, कौन दोस्त है और कौन दुश्‍मन? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किए पाकिस्तान की मदद करने के बाद अब बेनकाब हो चुका है। लेकिन अमेरिका ने इस मौके का फायदा उठाकर दोहरा रवैया अपनाया है जिसमें उसने भारत के दुश्मन से दोस्ताना व्यवहार कर उसे मिसाइल बेच रहा है। ऐसे में अगर भारत या कोई अन्य देश तुर्किए पर हमला करने की सोचे तो क्या वो हमला अमेरिका पर भी माना जाएगा, आइए समझते है।  

अमेरिका का मिसाइल द्वारा तुर्किए की मदद करना

अब भारत के संबंध तुर्किए के साथ-साथ अमेरिका से भी सही नही रहे हैं। और उसका कारण है कि, अमेरिका का मिसाइल द्वारा तुर्किए की मदद करना। यही वजह है कि भारत में तुर्किए और उसके सामानों के बायकॉट का ट्रेंड चलाया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की मदद कर तुर्किए तो बेनकाब हुआ ही है साथ ही अमेरिका का भी असली चेहरा सामने आ गया है। अब वहीं भारत और अमेरिका के रिश्ते भी कुछ खास ठीक नहीं हैं। क्योंकि अमेरिका का विदेश विभाग तुर्किए को 225 मिलियन डॉलर की मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल बेच रहा है। 

डोनाल्ड ट्रंप का सीजफायर का क्रेडिट लेने कोशिश

गौरतलब है कि, जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर का क्रेडिट लेने कोशिश की उसके बाद तो विदेश मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान में संघर्ष विराम का समझौता सीधे DGMO के स्तर पर होगा। और यही कारण रहा कि, भारतीय वायुसेना की कार्रवाई को देखते हुए पाकिस्तान को घुटनों पर आना पड़ा।

तुर्किए और अमेरिका का रिश्ता 

बता दें कि, नाटो ट्रान्साटलांटिक समुदाय का एक प्रमुख सुरक्षा साधन है और तुर्किए और अमेरिका के भले ही सीधे संबंध न हो लेकिन दोनों देश नाटो के सदस्य होने के नाते राजनीतिक और सैन्य साधनों द्वारा मित्र राष्ट्रों की में बंधे हुए है। नाटो का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक और सैन्य साधनों द्वारा देशों में स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा करना है। 

नाटो के तीन मुख्य कार्य हैं

1-पहला है सामूहिक रक्षा करना

2-दूसरा है संकट निवारण और प्रबंधन

3-सहकारी सुरक्षा

ये कार्य उत्तरी उत्तरी अटलांटिक संधि के बाद सैन्य क्षमताओं और परिचालन कार्रवाई को परिभाषित करने प्रमुख दस्तावेज 2022 की रणनीतिक अवधारणा में निहित है। 

ट्रंप क्यों कर रहेे तुर्किए की मदद

बता दें कि, एक तरफ ट्रंप भारत-पाकिस्तान के सीजफायर में अपनी दखलअंदाजी का झूठ बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने तुर्किए को 304 मिलियन डॉलर मिसाइलों की बिक्री को मंजूरी दी है। दो दिन पहले ट्रंप ने उस व्यक्ति से भी हाथ मिलाया जिस पर कभी अमेरिका ने करोड़ों का इनाम रखा था। लेकिन जिस तरीके से अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ यूटर्न लिया है ये भारत के लिए काफी गंभीर मुद्दा है क्योंकि पूरी दुनिया जानती है कि ट्रंप का रवैया है कि वो क्रेडिट लेने का कोई मौका नहीं छोड़ते फिर भले ही वो काम उन्होंने किया हो या न किया हो। और ऐसा ही अभी भारत के साथ भी हाल ही में किया है। 

Advertisementspot_img

Also Read:

भारतीय एंबेसी ने की एडवाइजरी जारी, बढ़ते US-ईरान तनाव के बीच भारतीयों से तुरंत ईरान छोड़ने की अपील

नई दिल्ली/रफ्तार डेेेस्क। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 23 फरवरी 2026 को एक अहम एडवाइजरी जारी...
spot_img

Latest Stories

राम से हनुमान तक कंफर्म हुई Ramayana की पूरी कास्ट, जानिए कौन निभाएगा किसका रोल?

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की...

रूहानी नाम का मतलब- Ruhaani Name Meaning

Meaning of Ruhaani /रूहानी नाम का मतलब: Spiritual/ आध्यात्मिक Origin...

जिम जाने वालों के लिए ये फल है खास, इसमें होता है जादा प्रोटीन

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में सेहतमंद...

Asansol Dakshin Assembly Election 2026: इस सीट पर किसकी जीत? जानिए क्यों अहम है आसनसोल दक्षिण सीट?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट West Bengal...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵