नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ईरान में इस्लामिक शासन के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया है। ईरानी सरकार ने 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी की सजा सुना दी है। इरफान सुल्तानी को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों का चेहरा माना जा रहा था। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर चिंता जताई है।
50 से ज्यादा शहरों में हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी
दरअसल, ईरान में 28 दिसंबर से खराब आर्थिक हालात, बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में अब तक 650 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। हालात बिगड़ते देख सरकार ने कई इलाकों में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी थीं। इस दौरान 50 से ज्यादा शहरों में हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।
युद्ध छेड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए
इरफान सुल्तानी ईरान के कराज शहर के फरदीस इलाके के रहने वाले थे। उन्हें 8 जनवरी को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ईरानी प्रशासन ने उन पर ‘अल्लाह के खिलाफ युद्ध छेड़ने’ (Moharebeh) जैसे गंभीर आरोप लगाए और कुछ ही दिनों में उन्हें मौत की सजा सुना दी।
घटना ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने 11 जनवरी को सुल्तानी के परिवार को सूचित किया कि 14 जनवरी को उन्हें फांसी दी जाएगी। इसके बाद सुल्तानी को अपने परिवार से मिलने के लिए सिर्फ 10 मिनट का समय दिया गया, वह भी भारी सुरक्षा के बीच। इस घटना ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया।
सुल्तानी को न तो स्वतंत्र वकील दिया गया और न ही निष्पक्ष सुनवाई का मौका
इरफान सुल्तानी के परिवार और कई मानवाधिकार संगठनों ने ईरानी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सुल्तानी को न तो स्वतंत्र वकील दिया गया और न ही निष्पक्ष सुनवाई का मौका मिला। आरोप है कि उनके सभी मौलिक अधिकार छीन लिए गए और जल्दबाजी में फांसी की सजा सुना दी गई।
”किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा”
इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से कहा था कि वे विरोध जारी रखें और अमेरिका उनका साथ देगा। इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
आज़ादी और सत्ता के दमनात्मक रवैये पर गंभीर सवाल
इरफान सुल्तानी को दी गई फांसी की सजा ने एक बार फिर ईरान में मानवाधिकार, अभिव्यक्ति की आज़ादी और सत्ता के दमनात्मक रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार का यह कदम हालात को और भड़काने वाला साबित हो सकता है।





