नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । नेपाल में इन दिनों बड़ी सियासी उथल-पुथल मची हुई है। देश में एक राजनीतिक और सामाजिक संकट मंडराने लगा है। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में लाखों युवा और छात्र Gen Z आंदोलन के चलते हिंसा भड़क उठी है। यह विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया देश में हालात बेकाबू हो गए है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
देश की संसद परिसर, पीएम और मंत्रियों के आवास में प्रदर्शकारियों ने कब्जा कर दिया है। जगह-जगह आगजनी और तोड़फोड़ की घटना समाने आ रही है। वही, इस घटना के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली समेत तीन मंत्रियों ने अपने पद से रिजाइन दे दिया है।
इस युवाओं के विरोध प्रदर्शन और आंदोलन के मुख्य चेहरा बालेन शाह रहे हैं, जिन्हें काठमांडू के मेयर और युवाओं में बेहद लोकप्रिय नेता के रूप में देखा जाता है। जानते है कौन हैं ये बालेन शाह और कैसे पूरे नेपाल के इस बड़े आंदोलन को इस शख्स ने हाईजैक कर रखा है?
बालेन शाह का प्रभाव और उनके योगदान का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टाइम मैगज़ीन ने उन्हें 2023 की शीर्ष 100 शख्सियतों में शामिल किया। न केवल यह सम्मान उनकी पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शाता है, बल्कि द न्यू यॉर्क टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों द्वारा उनके काम को कवर करना भी उनके प्रभाव की प्रमाणिकता को साबित करता है। शाह की लोकप्रियता और उनकी सामाजिक सक्रियता ने उन्हें न सिर्फ एक राजनीतिक हस्ती, बल्कि युवा नेतृत्व और बदलाव की प्रतीक के रूप में स्थापित किया है।
बालेन शाह के सोशल मीडिया पोस्ट अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर बहस और ट्रेंडिंग का कारण बनते हैं। उनकी जीवनशैली, स्टाइल और विचार युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुके हैं। यही वजह है कि Gen Z आंदोलन में उनका समर्थन इसे न सिर्फ तेजी से गति दे रहा है, बल्कि इसे व्यापक पहचान भी दिला रहा है।
सिविल इंजीनियर के तौर पर शुरू किया करियर
बालेन शाह की यात्रा किसी रोमांचक कहानी से कम नहीं है। सिविल इंजीनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले बालेन शाह ने जल्दी ही रैप संगीत के माध्यम से अपनी रचनात्मक छवि बनाई। लेकिन उनकी सबसे बड़ी छलांग तब हुई जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा।
काठमांडू के मेयर बनते ही वे युवाओं के दिलों की धड़कन बन गए और पारंपरिक राजनीतिक ढांचों से निराश जनता के लिए उन्हें उम्मीद की किरण बनकर उभरे। उनके साहस, नवाचार और व्यक्तिगत अंदाज ने उन्हें सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि परिवर्तन और युवा ऊर्जा का प्रतीक बना दिया।
2023 में ‘आदिपुरुष’ के कुछ डायलॉग्स पर जताई आपत्ति
2023 में ‘आदिपुरुष’ फिल्म के कुछ डायलॉग्स पर आपत्ति जताकर बालेन शाह ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ प्रशासनिक निर्णय लेने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटते।
कैसे हुई Gen Z आंदोलन की शुरुआत?
नेपाल में Gen Z आंदोलन की शुरुआत राजनेताओं के बच्चों की ऐश-ओ-शौकत और सरकार की सोशल मीडिया पाबंदियों के खिलाफ हुई। युवा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया के दौरान हिंसा भड़क गई, जिसमें 19 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए।
अकेले काठमांडू में 18 प्रदर्शनकारियों की मौत ने पूरे आंदोलन को और अधिक गंभीर बना दिया। इसी समय, बालेन शाह ने युवाओं का विश्वास और समर्थन हासिल करते हुए इस आंदोलन में सक्रिय नेतृत्व निभाया, और इसे दिशा देने वाले प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे।
तेज हो गई बालेन को सत्ता सौंपने की मांग
इसी बीच, पीएम केपी शर्मा ओली के इस्तीफे की खबरों ने बालेन शाह को नेतृत्व सौंपने की मांग को और तेज कर दिया है। नेपाली युवा उन्हें देश के शीर्ष नेताओं और प्रधानमंत्री से तुलना कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वे बालेन से मेयर के पद से इस्तीफा देकर देश की कमान संभालने की अपील भी कर रहे हैं, उन्हें परिवर्तन और नई उम्मीद का प्रतीक मानते हुए।
युवाओं के बीच हीरो के तौर पर जाने जाते है बालेन शाह ‘
नेपाली युवा बालेन शाह से एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने और देश का नेतृत्व करने का आह्वान कर रहे हैं। उनका तर्क है कि तीनों पारंपरिक प्रमुख दलों के नेता लगातार विफल रहे हैं, और अब बालेन ही हैं जो देश को नई दिशा देने और युवाओं की उम्मीदों को साकार करने के लिए आगे आ सकते हैं।





