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Friday, March 6, 2026
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कौन हैं अनिल भनोट और रामी रेंजर, जिनसे नागरिक सम्मान छीनने का फैसला किंग चार्ल्स ने सुनाया है

Britain के King Charles ने भारतीय मूल के दो नागरिकों से उनका नागरिक सम्मान छीनने का फैसला दिया है।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क। ब्रिटेन के King Charles ने भारतीय मूल के दो नागरिकों अनिल भनोट और रामी रेंजर से उनको दिए गए नागरिक सम्मान वापस लेने का फैसला सुनाया है। रामी रेंजर को UK के सबसे बड़े नागिरक सम्मान कमांडर ऑफ द ब्रिटिश अम्पायर से सम्मानित किया गया था। वहीं अनिल भनोट को ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश अम्पायर से सम्मानित किया गया था। अब इन दोनों से सम्मान वापस ले लिया जाएगा, दोनों को सम्मान के साथ में दिए गए प्रतीक चिह्न वापस करने होंगे।

कौन हैं अनिल भनोट और क्यों वापस लिया जा रहा उनका सम्मान?

अनिल भनोट एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और हिंदू काउंसिल यूके के फाउंडर हैं। जून 2010 में हिंदू समूदाय की बेहतरी के लिए उनके योगदान और अंतरधार्मिक संबंधों में सुधार की दिशा में उनके काम के लिए उन्हें ब्रिटेन का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया गया था। उनके खिलाफ एक शिकायत की गई थी, जिसमें उन पर इस्लामोफोबिया का आरोप लगाया गया था। ये शिकायत उनके 2021 के ट्वीट्स के आधार पर की गई थी। इस वजह से उनका सम्मान वापस लिया जा रहा है।

अनिल भनोट ने कहा कि ब्रिटेन में अब अभिव्यक्ति की आज़ादी एक बीते समय की बात हो गई है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से वो आहत हैं।

कौन हैं रामी रेंजर और क्यों वापस लिया जा रहा उनका सम्मान?

रामी रेंजर ब्रिटेन के बिजनेसमैन हैं। वह हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य भी हैं। रामी रेंजर को ब्रिटेन के बिजनेस में अपने योगदान के लिए दिसंबर 2015 में क्वीन एलिज़ाबेथ ने ये सम्मान दिया था। पाकिस्तान के गुजरांवाला में जन्मे रामी रेंजर विभाजन के बाद पंजाब के पटियाला आ गए थे। पढ़ाई के लिए वो ब्रिटेन गए और वहां उन्होंने अपना बिजनेस शुरू किया। उनकी कंपनी ब्रिटेन की नामी FMCG कंपनियों में गिनी जाती है। फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने साल 2009 से अब तक 1.5 मिलियन पाउंड यानी करीब 16 करोड़ रुपये कंजर्वेटिव पार्टी को डोनेट किया है। वह ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य हैं।

रामी रेंजर पर बुलीइंग के आरोप लगे थे। आरोप है कि उन्होंने भारतीय पत्रकार पूनम जोशी के खिलाफ अपमानजनक ट्वीट किए। इस मामले में उन्होंने बाद में माफी भी मांगी थी। इसके अलावा उन्होंने PM Modi पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंटरी पर भी सवाल उठाए थे कि पाकिस्तानी मूल के बीबीसी पत्रकारों की वजह से उसमें मोदी की आलोचना की गई। इन कारणों के चलते रामी रेंजर का सम्मान वापस लेने का फैसला किया गया है। रामी ने इस फैसले को अनुचित बताते हुए इसके खिलाफ अपील करने की बात कही है।

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