नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । एक बार फिर बांग्लादेश में हिंसा का दौर शुरु हेा गया है। नेशनल सिटिजन पार्टी की ओर से आयोजित रैली के दौरान बुधवार को भीषण हिंसा भड़क गई जिसमें 4 लोगों के मारे जाने की खबर है। जबकि 9 लोग घायल हैं। यह हिंसा पूर्व पीएम शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ताओं और नेशनल सिटिजन पार्टी के लोगों के बीच हुई।
गोपालगंज के घटनास्थल पर यूनुस सरकार ने टैंक सड़कों पर उतार दिये। फिलहाल इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है। पैरामिलिट्री के जवानों की जगह-जगह तैनाती की गई है। मोहम्मद यूनुस ने इस हिंसक झड़प के लिए आवामी लीग की निंदा की है और कहा है कि हिंसा करने वालों को इंसाफ के कठघरे में लाया जाएगा।
बांग्लादेश के एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, गोपालगंज में रैली के आयोजन का अवामी लीग के लोग विरोध कर रहे थे। उनकी ओर से रैली का रास्ता रोकने के लिए कई जगहों पर पेड़ों को काटकर डाल दिया गया था। इसके अलावा, हथियारों से लैस होकर रास्तों पर उन्हें घेरने का भी आरोप है।
साथ ही, यह भी आरोप है कि, उन लोगों ने सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद नेशनल सिटिजन पार्टी के रैली स्थल पर भी हमला होने का आरोप है। बता दें कि, बांग्लादेश में अवामी लीग की सभी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक प्रतिबंध लगा दिया गया है।
4 लोगों के मारे जाने की खबर
फिलहाल, इस हिंसा के बाद दक्षिणी जिले में सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है। ताकि, स्थिति को कंट्रोल किया जा सके। इसके अलावा, गोपालगंज जिले में स्कूली परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है। गोपालगंज के सिविल सर्जन अबू सैयद मोहम्मद फारूक का कहना है कि इस हिंसा में 4 लोग मारे गए हैं, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं।
सुरक्षाबलों की फायरिंग में मारे गए लोग या फिर हिंसा के शिकार?
मिली जानकारी के मुताबिक, मारे गए लोगों पर सुरक्षाबलों की ओर से फायरिंग करने के बात सामने आई है। एक शख्स ने बताया कि, सुरक्षाबलों ने जब फायरिंग की तो दो लोगों को गोलियां लगीं और मैंने उन्हें जमीन पर नीचे गिरते हुए देखा।
शेख हसीना की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
ऐसे में माना जा रहा है कि इस हिंसा के बाद भारत में निर्वासित होकर रह रहीं शेख हसीना की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उनकी पार्टी के लोगों पर सरकारी ऐक्शन तेज हो सकता है। पहले ही अवामी लीग की गतिविधियों पर रोक लगी हुई है। इसके अलावा, उसके कार्यकर्ता भी ज्यादातर शहरों में भूमिगत होकर जी रहे हैं।





